सुल्तानपुर। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-वन बीमारी से पीड़ित आठ माह के अनमय को लेकर माता-पिता रविवार की सुबह कार से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सोमवार की सुबह बच्चे के साथ सर गंगाराम अस्पताल पहुंचेंगे, जहां इंजेक्शन मंगाने के लिए अमेरिका की नावार्टिस कंपनी को पूरा ब्योरा भेजा जाएगा।
नगर क्षेत्र के सौरमऊ निवासी सुमित सिंह और अंकिता सिंह के आठ माह के बेटे अनमय को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-वन नामक बीमारी है। इसके इलाज में कारगर इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपये है। यह इंजेक्शन अमेरिका की नावार्टिस कंपनी बनाती है। अमेरिका की नावार्टिस कंपनी प्रत्येक वर्ष विश्व भर में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-वन बीमारी से पीड़ित 100 बच्चों को निशुल्क इंजेक्शन लगाती है। बच्चों के चयन के लिए लॉटरी की व्यवस्था है। निशुल्क इंजेक्शन के लिए सर गंगाराम हॉस्पिटल में अनमय का पंजीयन कराकर आवेदन किया गया था। कंपनी की ओर से शनिवार को लॉटरी के जरिए निकाली गई 100 बच्चों की सूची में अनमय का नाम भी शामिल है।
इसकी जानकारी कंपनी की ओर से जब सुमित सिंह और अंकिता को दी गई तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रविवार की सुबह सुमित व अंकिता अपने मासूम बेटे अनमय को लेकर कार से दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। सुमित ने बताया कि वे ग्रेटर नोएडा में रहने वाले अपने मित्र के घर रात्रि विश्राम करने के बाद सोमवार की सुबह बच्चे के साथ सर गंगाराम अस्पताल पहुंचेंगे। अस्पताल में इंजेक्शन मंगाने के लिए कंपनी की ओर से मांगा गया पूरा ब्योरा भरा जाएगा। उसके बाद अमेरिका से यह इंजेक्शन सर गंगाराम अस्पताल भेजा जाएगा।