सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मरीजों की भीड़ हर दिन नया रिकॉर्ड बना रही है। ओपीडी हो या वार्ड, हर जगह जांच कराने वालों की लाइनें लंबी होती जा रही हैं। हालात यह हैं कि रोजाना एक हजार से अधिक मरीजों की लैब में जांच हो रही है।
भीड़ के चलते ओपीडी मरीजों की रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पा रही है और इलाज शुरू होने में देरी से मरीजों की सेहत बिगड़ रही है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए करीब 1065 मरीजों के खून के नमूने लिए गए।
बदलते मौसम ने समस्या और बढ़ा दी है। रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं, जिनमें अधिकतर को डॉक्टर जांच की सलाह दे रहे हैं। यही वजह है कि लैब पर लगातार दबाव बना हुआ है। रिपोर्ट तैयार करने में विलंब के चलते मरीजों को दूसरे दिन भी अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
पेट दर्द की शिकायत लेकर आए बलराम ने बताया कि सुबह 10:00 बजे से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लाइन में खड़े हैं, दो घंटे हो गए, कहा जा रहा है कि दो दिन बाद आना, दर्द बढ़ रहा है, ऐसे में अब मजबूरी में प्राइवेट में जाकर अल्ट्रासाउंड कराना होगा।
दो दिन बाद भी नहीं मिली जांच रिपोर्ट
बुखार से पीड़ित राहुल ने बताया कि शनिवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डॉक्टर ने जांच लिखी थी। उसी दिन खून का नमूना भी दे दिया था, लेकिन रिपोर्ट लेने आज दो दिन बाद आना पड़ा, इसके बाद भी रिपोर्ट नहीं मिल सकी और मंगलवार को आने के लिए कहा जा रहा है। इलाज में देरी से हालत बिगड़ रही है। उमेश, अपने पिता को लेकर इलाज कराने आए थे। उन्होंने बताया कि सुबह से तीन-तीन जगह घंटों लाइन में लगना पड़ा, अब बताया गया कि रिपोर्ट अगले दिन मिलेगी।
व्यवस्था में सुधार की जरूरत
बुखार का इलाज कराने आए सेवानिवृत्त शिक्षक रामकलप मिश्र ने सुझाव दिया कि बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए लैब की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त तकनीशियन तैनात किए जाएं और बार कोडिंग काउंटर पर स्टाफ बढ़ाया जाए। अल्ट्रासाउंड के लिए अलग-अलग स्लॉट तय किए जाएं ताकि मरीजों को घंटों लाइन में न लगना पड़े। साथ ही ऑनलाइन रिपोर्ट उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू हो जाए, तो मरीजों को अस्पताल बार-बार आने की परेशानी से राहत मिल सकती है।
वायरल बुखार से बढ़ी मरीजों की तादाद
वायरल बुखार की वजह से मरीज बढ़े हैं। हर मरीज को समय से रिपोर्ट मिले, इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। जल्द स्थिति सामान्य होगी, रिपोर्ट की ऑनलाइन व्यवस्था पर काम चल रहा है।- डॉ. आरके मिश्रा, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज