सुल्तानपुर। जिले में जितनी जरूरत है, अभी तक उसकी आधी ही डीएपी मिल पाई है। इस वजह से सहकारी गोदामों पर डीएपी तलाशे नहीं मिल रही है और निजी दुकानों पर डीएपी के बदले नैनो यूरिया आदि जबरन थमाने व ब्लैक किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सोमवार को 1600 मीट्रिक टन डीएपी आ गई है। मंगलवार को इफको भी की करीब 1300 टन डीएपी आने के आसार हैं। इससे संकट काफी हद तक दूर हो सकता है।
गेहूं और आलू की बोआई चरम पर है लेकिन जिले में डीएपी की भारी किल्लत चल रही है। डीएपी की किल्लत के कारण निजी दुकानदार इसे ब्लैक भी कर रहे हैं। अखंडनगर क्षेत्र में किसान रमेश कुमार, राजेंद्र प्रसाद, रामकुमार आदि ने आरोप लगाया कि महमूदनगर, अखंडनगर बाजार व अलीपुर में सहकारी समितियों में डीएपी नहीं मिल रही है। निजी दुकानों पर 1350 रुपये से अधिक कीमत वसूली जा रही है। या फिर डीएपी खरीदने पर 230 रुपये की नैनो यूरिया लेने को बाध्य किया जा रहा है।
इनसेट
समिति पर ब्लैक करने का वीडियो वायरल
करौंदीकला ब्लाॅक क्षेत्र की साधन सहकारी समिति कटघर प्रतापपुर में निर्धारित कीमत से ज्यादा पर डीएपी बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो 26 नवंबर का बताया जा रहा है जिसमें किसान सचिव पर 1350 रुपये के बजाय 1350 रुपये प्रति बोरी वसूले जाने का आरोप लगा रहे हैं। इस मामले में समिति के सचिव संतोष सिंह से मोबाइल फोन के जरिए बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नहीं उठा।
दो दिन में दूर हो जाएगी किल्लत : चौधरी
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि सोमवार को दो रैक में आईपीएल की 1200 एमटी डीएपी और एक पीपीएल की 400 एमटी डीएपी व 600 एमटी एनपीके आ गई है। इसका वितरण करवाया जा रहा है। झारखंड से रैक लेट होने के कारण मंगलवार को इफको की डीएपी की एक रैक आने वाली है जिसमें जिले को 1300 मीट्रिक टन डीएपी मिलेगी। इससे सहकारी समितियों में भी संकट समाप्त हो जाएगा। ब्लैक में बेचे जाने की शिकायत पर उन्होंने कहा कि जहां शिकायतें मिल रही हैं, वहां कार्रवाई हो रही है।