सुल्तानपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य को फरियाद सुनाने के लिए सोमवार को महिलाओं को सब्र की कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा। विकास भवन सभागार में सोमवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य के आने में करीब तीन घंटे की देरी हो गई। सुबह 11 बजे निर्धारित सुनवाई दोपहर दो बजे शुरू हो सकी। लंबे इंतजार और अनिश्चितता के कारण कई महिलाएं मायूस होकर वापस लौट गईं।
दोपहर दो बजे तक जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा अपनी टीम के साथ सभागार में मौजूद रहे और आयोग की सदस्य का इंतजार करते रहे। इस दौरान सिर्फ तीन पीड़िताएं ही सभागार में डटी रहीं। करीब दो बजे राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात पहुंचीं और तीनों शिकायतों की सुनवाई की।
करौंदीकला निवासी सुधा प्रजापति ने बताया कि उनके जेठ और जेठानी उन्हें और बच्चों को लगातार परेशान कर रहे हैं । साथ ही मारपीट की धमकी देते हैं। काफी देर इंतजार के बाद उन्होंने आयोग की सदस्य को प्रार्थना पत्र दिया। वहीं, चांदा के रामनगर की चंद्रावती ने आरोप लगाया कि विपक्षियों ने उनके पति को बुरी तरह पीटा, लेकिन स्थानीय पुलिस अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। अलीगंज क्षेत्र की एक अन्य पीड़िता ने भी मायके पक्ष के दो लोगों पर पिटाई और दुराचार का आरोप लगाते हुए आयोग से कार्रवाई की मांग की। आयोग की सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और पीड़िताओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया।