सुल्तानपुर। चैत्र रामनवमी और चुनाव ड्यूटी में 66 बसें लगने से रोडवेज के बेड़े में बसों का अभाव हो गया है। बसों की कमी का ज्यादा असर स्थानीय सेवाओं पर पड़ा है। लंबी दूरी की सेवाओं की दिक्कत के सामने लोकल सेवाएं बाधित कर दी जा रही हैं। बुधवार को बस स्टेशन पर ऐसा नजारा सामने आया।
सुल्तानपुर डिपो में कुल 125 बसें हैं। इसमें 65 निगम की व 60 अनुबंधित बसें शामिल हैं। तीन दिन के भीतर चुनाव ड्यूटी के लिए परिवहन निगम की 21 बसें भेज दी गईं। मंगलवार की शाम सुल्तानपुर डिपो की 45 बसें रामनवमी का मेला संपन्न कराने के लिए अयोध्या भेज दी गईं। चुनाव और रामनवमी में 66 बसें लगने से संख्या आधी से भी कम हो गई है। सिर्फ 59 बसों से ही सभी रूटों के यात्रियों को ढोया जा रहा है।
सबसे ज्यादा कटौती लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और आजमगढ़ रूट पर चलने वाली बसों की हुई है। बुधवार को रामनवमी पड़ने से बस स्टेशन पर यात्रियों की संख्या काफी कम रही। इसके बाद भी लखनऊ और आजमगढ़ रूट की बसें नहीं होने से यात्रियों को करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। दोनों रूटों की दिक्कत को देखते हुए अयोध्या रूट की बस को लखनऊ व आजमगढ़ रूट पर भेज दिया गया।
इससे अयोध्या समेत अन्य लोकल रूट की बसें कम पड़ गईं। हालांकि रामनवमी की छुट्टी से स्थानीय यात्रियों की संख्या कम रही, लेकिन बृहस्पतिवार से दिक्कतें बढ़ने के आसार बने हैं। स्टेशन इंचार्ज नान्हूराम सरोज ने बताया कि रामनवमी और चुनाव ड्यूटी में बसें भेजी गई हैं। वाराणसी रूट चलने वाली बस को लखनऊ भेजा गया। अयोध्या रूट की बस को आजमगढ़ भेजकर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
यात्रियों ने बताई पीड़ा
रोडवेज बस स्टेशन पर खड़े राजकुमार सिंह को आजमगढ़ जाना था। उन्होंने पूछताछ केंद्र पर आजमगढ़ जाने वाली बस के बारे में पता किया तो उन्हें बताया गया कि यहां से बस से कादीपुर चले जाइए। वहां से आजमगढ़ चले जाना। गौरीगंज से रोडवेज की बस से सूर्यनारायण अपने परिवार के साथ बुधवार को दोपहर दो बजे सुल्तानपुर बस अड्डे पर पहुंचे। उन्हें शाहगंज जाना था। करीब एक घंटे तक बस का इंतजार किया। इसके बाद वे प्राइवेट वाहन की तलाश में गोलाघाट की तरफ ई-रिक्शा से चले गए।
रामनवमी के बाद हालात होंगे सामान्य
एआरएम नागेंद्र प्रसाद पांडेय ने बताया कि रामनवमी और चुनाव ड्यूटी में बसों के भेजे जाने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। बची बसों से व्यवस्था को मैनेज किया जा रहा है। रामनवमी का मेला संपन्न होने के बाद हालात सामान्य हो जाएंगे।