सुल्तानपुर। बढ़ती गर्मी के साथ ही पीने के पानी की किल्लत शहरवासियों को परेशान कर रही है। हालात सुधरे भी तो कैसे जबकि अभी पुराने पैटर्न पर ही मोहल्लों में पानी की सप्लाई हो रही है।
शहर में जल निगम ने जलापूर्ति के लिए पांच जोन बांटकर पाइप लाइन का विस्तार किया है। इसके बाद भी लोग निर्बाध जलापूर्ति नहीं पा रहे हैं। अमृत योजना के तहत जल निगम की ओर से नई पाइप लाइन बिछाई गई है। जोन वन बी में दीवानी न्यायालय के निकट 1700 किलोलीटर की क्षमता का ओवरहेड टैंक व फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण जल निगम की ओर से कराया गया है। इससे करीब 30 हजार से अधिक आबादी को निर्बाध जलापूर्ति का लक्ष्य था। पानी के कनेक्शन के बाद टेस्टिंग की गई। सूत्रों की मानें तो टेस्टिंग में जगह-जगह लीकेज की समस्या से नए ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति नहीं की गई।
ऐसे में जलकल परिसर की पुरानी 200 किलोलीटर की क्षमता की पानी की टंंकी से जलापूर्ति की जा रही है। जोन वन ए शास्त्रीनगर में 2250 किलोलीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बना है। इससे करीब 40 हजार से अधिक की आबादी को निर्बाध जलापूर्ति का लक्ष्य है। इसकी टेस्टिंग भी सफल नहीं हो सकी। ऐसी स्थिति को देखते हुए वहां से नलकूप व सबमर्सिबल पंप के माध्यम से जलापूर्ति दी जा रही है। इसकी वजह से 40 हजार आबादी के सामने निर्बाध जलापूर्ति की समस्या बनी है। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार का कहना है कि ओवरहेड टैंकों को चलाने के लिए कुुछ कार्य अभी शेष बचा है। नगर पालिका ने पानी की सप्लाई व कनेक्शन का ब्योरा नहीं दिया है।
इस तरह से शिफ्टवार की जा रही जलापूर्ति
सिविल लाइन व शास्त्रीनगर में स्थापित ओवरहेड टैंकों के चलने से लोगों को निर्बाध जलापूर्ति मिलने लगती। लेकिन अभी संचालन नहीं हो सका है। समस्या को देखते हुए अभी कई स्थानों पर पुरानी व्यवस्था के तहत शिफ्टवार जलापूर्ति की जा रही है। सुबह छह से नौ, दोपहर एक से चार, व रात्रि में आठ से 12 बजे तक जलापूर्ति की जा रही है। बिजली कटौती से अधिकांश स्थानों पर जलापूर्ति ठप हो जाती है।
नागरिकों ने बयां की पीड़ा
सीताकुंड वार्ड के हथियानाला निषाद बस्ती निवासी संजय निषाद ने बताया कि एक साल पहले सड़क खोदकर पाइप लाइन बिछाई गई थी। अभी तक पानी नहीं मिल सका है। विनोबापुरी निवासी दिग्विजय सिंह ने बताया कि पुरानी पाइप लाइन से पानी मिल रहा है। बिजली ठप होने पर पानी नहीं मिलता है। शिवाजीनगर निवासी पवन श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत के बाद भी कोई यहां पर समस्या का निदान करने नहीं आया। महर्षि दयानंद नगर निवासी प्रदीप उपाध्याय ने बताया कि शिफ्टवार पानी मिलता है। महाकालेश्वर मंदिर के बगल रहने वाले विनोद यादव ने बताया कि पाइप लाइन बिछाने के बाद आज तक निर्बाध जलापूर्ति नहीं हो सकी है।
ओवरहेड टैंकों को अभी नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया गया है। जल निगम के अधिकारियों से इस सिलसिले में वार्ता की जाएगी। समस्या के मद्देनहर जल निगम से पत्राचार किया जाएगा।
- लालचंद्र सरोज, ईओ नगर पालिका