फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गौरीगंज में बनेगा सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस

विज्ञापन
विज्ञापन
गौरीगंज। सिंचाई विभाग की ओर से जिला मुख्यालय स्थित शहर में जल्द ही गेस्ट हाउस का निर्माण कराया जाएगा। 3.24 करोड़ रुपये की लगात वाली इस परियोजना के मानचित्र व डीपीआर को विभाग की मंजूरी भी मिल चुकी है।
विज्ञापन

गेस्ट हाउस का निर्माण टांडा-बांदा हाईवे के किनारे स्थित भूमि पर कराया जाएगा।
नौ साल पहले गठित अमेठी जिले में सुविधाएं बढ़ाने की कवायद में जुटे शासन के आदेश पर सिंचाई विभाग जिला मुख्यालय स्थित शहर में जल्द ही एक गेस्ट हाउस बनाएगा।
कुछ माह पूर्व शुरू हुई इसकी तैयारी मुकाम पर पहुंच चुकी है। सिंचाई विभाग के स्थानीय कार्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट व मानचित्र को विभाग के अलावा शासन का अनुमोदन प्राप्त हो चुका है।
विज्ञापन

गेस्ट हाउस का निर्माण शहर के पूर्वी छोर पर टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कराया जाएगा। गेस्ट हाउस के निर्माण पर तीन करोड़ 24 लाख 35 हजार रुपये की लागत आएगी।
जिस भूमि को गेस्ट हाउस के लिए प्रस्तावित किया गया है वह राजस्व अभिलेखों में अरसा पूर्व से विभाग के नाम दर्ज है। इस जमीन का कुल रकबा 4.5 हेक्टेयर है। बांदा-टांडा हाईवे पर यह भूमि 87.55 मीटर व हाईवे से निकलकर गौरीगंज-अमेठी मार्ग को जोडने वाले बाईपास पर इस भूमि की लंबाई 154 मीटर है।
विभाग की भूमि पर भव्य गेस्ट हाउस का निर्माण सुनिश्चित हो सके इसके लिए शासन की ओर से 25 लाख रुपये अवमुक्त भी किए जा चुके हैं। धनराशि अवमुक्त होने के बाद विभाग जल्द ही स्वीकृत मानचित्र के आधार पर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी मेें है।
जिस जगह पर सिंचाई विभाग का वीवीआईपी गेस्ट हाउस बनाया जाएगा वहां पूरी भूमि पर बाउंड्रीवाल, सीसी रोड, बाइक-कार पार्किंग व लॉन बनाया जाएगा। भवन के पहले फ्लोर पर भव्य मीटिंग हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा बाहर से आने वाले अतिथियों के रुकने के लिए आलीशान कमरे बनाए जाएंगे।
गेस्ट हाउस परिसर में जल संरक्षण के पर्याप्त इंतजाम रहेंगे। यहां पाइप पेयजल योजना के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।
सिंचाई खंड-41 के अधिशाषी अभियंता व सिंचाई विभाग के नोडल ऑफिसर धर्मेंद्र वर्मा ने पहले से विभाग के नाम दर्ज भूमि पर वीवीआईपी गेस्ट हाउस बनाने को स्वीकृति मिलने की बात स्वीकार की। कहा कि इस भूमि पर गेस्ट हाउस के साथ ही विभाग की सुविधा के लिए एक डिवीजनल ऑफिस भी बनाया जाएगा।
सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस बनने के बाद विभाग के अधिकारियों के अलावा दूसरे जिलों व प्रांतों से आने वाले वीआईपी/वीवीआईपी गेस्ट के ठहरने की समस्या दूर हो सकेगी। अब तक जिला मुख्यालय पर कोई गेस्ट हाउस नहीं होने से अतिथियों को जगदीशपुर के बीएचईएल व मुंशीगंज के एचएएल गेस्ट हाउस में रुकना पड़ता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें