रवाना होने से पहले बस का पूजन करते हुए
लंभुआ (सुल्तानपुर)। वाराणसी जा रहे महाराष्ट्र के तीर्थ यात्रियों का दल बुधवार को वापस लौट गया। दूसरी बस से लौटे 40 तीर्थ यात्री स्वागत-सत्कार से काफी अभिभूत दिखे। बस किराये में स्थानीय नगर पंचायत अध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह अंगद ने भी खासा योगदान किया। उधर, गंभीर रूप से घायल पांच तीर्थयात्रियों को उपचार के लिए लखनऊ से मुंबई ले जाया गया है।
महाराष्ट्र से 50 तीर्थ यात्रियों का दल निजी बस से मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार व उड़ीसा के तीर्थस्थल के भ्रमण पर निकला था। रविवार/सोमवार की रात अनियंत्रित ट्रक ने खड़ी टूरिस्ट बस को टक्कर मार दी थी। इसमें 38 यात्री जख्मी हो गए थे। तीर्थयात्रियों से भरी बस में सवार लोगों को स्थानीय सीएचसी में इलाज में भर्ती कराया गया था। जहां आठ लोगों को खनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। इसमें तीन की हालत ठीक हो गई थी।
शेष घायल पांच तीर्थयात्रियों को उनके परिजन बेहतर उपचार के लिए मुंबई ले गए। हादसे के बाद मुंबई में शिक्षक व बेदूपारा निवासी संजय पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने कुछ तीर्थयात्रियों को अपने घर पहुंचाया। जानकारी जब नगर पंचायत अध्यक्ष अवनीश सिंह अंगद को हुई तो उन्होंने तीर्थयात्रियों के भोजन, पानी व अस्पताल में रुकने के लिए व्यवस्था उपलब्ध कराई। तीन दिन तक स्थानीय नगर पंचायत अध्यक्ष व उनके भाई महेंद्र प्रताप सिंह तीर्थयात्रियों को व्यवस्था उपलब्ध कराने में लगे रहे।
महाराष्ट्र के सांसद कपिल पाटिल ने बस किराए में नकद राशि उपलब्ध कराने में मदद की है। बुधवार को भोजन के बाद तीर्थयात्रियों को महाराष्ट्र के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष के बड़े भाई महेंद्र प्रताप सिंह ने पूजन करके विदाई दी।