सुल्तानपुर। जिले में यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की किल्लत व ओवर रेटिंग को लेकर कृषि विभाग ने शनिवार को अभियान चलाया। एक किराने की दुकान में उर्वरक बिकता मिला, जिसके बाद उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
इसके साथ ही दो अन्य दुकानों का लाइसेंस भी निलंबित किया, और कई को नोटिस जारी किया है। खाद व डीएपी की समस्या पर अमर उजाला लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है, जिसके बाद हरकत में आए कृषि विभाग ने दुकानों का निरीक्षण किया।
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी शनिवार को टीम के साथ ओवर रेटिंग और टैगिंग निरीक्षण के लिए कुड़वार बाजार स्थित अशोक खाद भंडार पर फर्म का बोर्ड नहीं होने, स्टॉक/रेट बोर्ड नहीं भरा पाया गया। किराना की दुकान पर उर्वरक की बिक्री करते पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
बल्दीराय ब्लॉक के लंगड़ी बाजार में श्रीवास्तव फर्टिलाइजर एवं बीज भंडार दुकान पर रेट बोर्ड सही जगह नहीं होने और मूल्य का अंकन न किए जाने के कारण चेतावनी जारी की। लंगड़ी बाजार स्थित महेश फर्टिलाइजर प्रतिष्ठान पर बोर्ड नहीं लगे होने कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इधर, अग्रहरि फर्टिलाइजर बघौना और सौरभ फर्टिलाइजर देहली बाजार को क्षेत्र भ्रमण की जानकारी होने पर दुकान बंद कर फरार हो गए। दोनों का लाइसेंस निलंबित किया गया है। कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता पाई गई। आगे भी निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
कार्रवाई से नाराज खाद-बीज व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
सुल्तानपुर। कृषि विभाग की कार्रवाई से नाराज खाद, बीज और कीटनाशक व्यापारियों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। सिटी मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार को ज्ञापन देकर कहा कि यदि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होंगे।
व्यापारियों का कहना है कि निर्माता कंपनियां यूरिया 242 से 246 रुपये में बिल कर रही हैं। परिवहन खर्च 25-30 रुपये है। लोडिंग-अनलोडिंग में 10 रुपये अतिरिक्त खर्च होते हैं। सरकारी नियमों के मुताबिक, खाद रिटेलर के गोदाम तक पहुंचनी चाहिए। कंपनियां 30-40 प्रतिशत तक अन्य उत्पाद भी जबरन टैग कर रही हैं।
कीटनाशकों के मामले में विभाग गुणवत्ता का सवाल उठाकर व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त कर रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि कंपनी के मूल उत्पाद में बिना छेड़छाड़ किए माल बेचते हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि फर्टिलाइजर शाखा की ओर से निर्धारित दरों पर उत्पाद उपलब्ध कराए जाएं। व्यापारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। कार्रवाई केवल निर्माता कंपनियों पर हो।
बीज व्यापार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो सभी व्यापारी अपने लाइसेंस समर्पित कर देंगे। संघ ने कृषि मंत्रालय से व्यापारियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई को रोकने की मांग की है।