सुल्तानपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने मंगलवार को बजट की प्रतीकात्मक प्रतियां फूंक विरोध जताया। कहा कि केंद्र सरकार ने इस बजट से एलआईसी समेत अन्य सरकारी संपत्तियों को बेचने का रास्ता खोल दिया है। रसोई गैस के बढ़े हुए दाम को वापस लेने की मांग उठाई गई।
जनविरोधी बजट के खिलाफ वामदलों के राज्य स्तरीय आह्वान पर चले अभियान की अंतिम कड़ी में मंगलवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में बजट का प्रतीकात्मक पुतला फूंका गया।
जिला सचिव नरोत्तम शुक्ल ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बजट से सरकारी संपत्तियों को बेचने का रास्ता साफ कर दिया है। सचिव मंडल सदस्य राज बहादुर यादव ने कहा कि बजट किसान विरोधी है। किसान सम्मान निधि के पिछले बजट को सरकार पूरा खर्च नहीं कर पाई थी।
इस बार के बजट में किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी में भारी कटौती की गई है। सचिव मंडल सदस्य शशांक पांडेय ने कहा कि जहां बजट में एक तरफ खाद्य सब्सिडी में कटौती की गई हैं। वहीं दूसरी तरफ गैस के दाम में वृद्धि में आम जनता की कमर तोड़ दी है।