सुल्तानपुर। लॉकडाउन में पुलिस के तमाम अन्य कार्यों में व्यस्त रहने के कारण धीमी पड़ी विवेचनाओं के निस्तारण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। जिले की पुलिस थाने में लंबित मुकदमों की विवेचनाओं को शीघ्र निस्तारित करने में जुटी है।
हालांकि विवेचना का निस्तारण करने में जहां जुझारू व कर्मठ दारोगा जी जान से जुटे हैं, वहीं कई अब भी सुस्त हैं। जिले के 17 थानों में दो दिवस के दौरान लंबित 1,178 मामलों में से 112 को निस्तारित किया गया। दो दिन में मुकदमों के विवेचना में गोसाईगंज थाना अव्वल रहा। अखंडनगर दूसरे व कुड़वार थाना तीसरे स्थान पर रहा।
कोरोना महामारी से होने वाले संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए पुलिस दिन-रात ड्यूटी कर रही है। ऐसे में थानों में दर्ज मुकदमों की विवेचना लंबित होना स्वाभाविक है। हालात कुछ सामान्य होने पर पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा ने थानों को लंबित विवेचनाओं के निस्तारण तेजी से करने का निर्देश दिया है।
इसी क्रम में जिले के 17 थानों में शनिवार और रविवार को विशेष अभियान चलाकर विवेचनाओं का निस्तारण कराया गया। मुकदमों की विवेचनाओं के निस्तारण में गोसाईगंज, अखंडनगर और कुड़वार थाने की पुलिस क्रमश: पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रही।
कई अन्य थानों ने भी विवेचनाओं के निस्तारण में गंभीरता दिखाई। विवेचनाओं के निस्तारण में सबसे पस्त करौंदीकलां थाने की पुलिस दिखी। दो दिनों में करौंदीकलां थाने में कुल लंबित 12 मामलों में पुलिस एक की भी विवेचना पूरी नहीं कर सकी।
कोतवाली नगर में लंबित 208 मामलों में मात्र 12 मामले की विवेचना पुलिस पूरी कर सकी। धम्मौर, महिला थाना और बल्दीराय थाने की स्थिति भी खराब रही। क्रमश: 59 मामलों में एक, सात मामलों में एक और 47 मामलों में एक की ही विवेचना पूरी हो सकी।
पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा ने बताया कि थानाध्यक्षों को मुकदमों की लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही पर कार्रवाई होगी।