नाव से चारा ले जाता ग्रामीण। संवाद
धनपतगंज। चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से गोमती नदी का जलस्तर बढ़कर 82.150 मीटर तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई के कई गांवों में कटान शुरू हो गया है। धनपतगंज के कई गांवों में ग्रामीण कटान से सहमे हैं।
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से जासरपुर, कोलिया और बगियवा में किनारे कटान शुरू हो गई है। कटान तेज होने से खेत व चारागाह के कुछ हिस्से नदी में समाते जा रहे हैं। इन गांवों के मकानों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। खेतों तक पहुंचने वाले कुछ रास्तों पर पानी भरने से पशुओं के चारे का संकट बनता जा रहा है।
बगियवा गांव निवासी सुदामा देवी ने बताया कि तीन दिन पहले तक नदी की धारा उनके घर से छह मीटर दूर थी। जलस्तर एक मीटर बढ़ने के साथ कटान घर की दहलीज तक पहुंच गया है। पानी और बढ़ा तो घर के लिए खतरा बन सकता है। ग्रामीणों के अनुसार मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा है। गांव के प्रेमजीत ने बताया कि पानी बढ़ने से गांव की ओर नदी कटान कर रही है। नदी के पार स्थित खेतों और पशुओं के चरने की जमीन तक पहुंचने वाले रास्ते में पानी भर गया है। कुछ लोग अब नाव के सहारे खेत तक आवागमन कर रहे हैं। बाबूराम की नाव से कुछ लोगों को चारा लाना पड़ रहा है।
सुबह से शाम तक मापा जा रहा जलस्तर
बारिश से गोमती नदी के बढ़ रहे जलस्तर पर डीएम इंद्रजीत सिंह ने नजरें लगी हैं। उनके निर्देश पर नोडल अधिकारी व शारदा सहायक खंड 16 के अधिशासी अभियंता शरद कुमार सुबह से लेकर देर शाम तक नदी के जलस्तर की माप करा रहे हैं। रविवार शाम पांच बजे जारी रिपोर्ट में गोमती नदी का जलस्तर 82.150 मीटर मापा गया।
खतरे के निशान से नदी ढाई मीटर से नीचे
दैवी आपदा एवं राहत अधिकारी व अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह ने बताया कि गोमती नदी अभी खतरे के निशान से ढाई मीटर से अधिक नीचे हैं। नदी के किनारे स्थित तराई के कुछ गांव में जलभराव की स्थिति आती है। टीम को लगाया गया है, अभी कोई नुकसान की स्थिति नहीं है।