सुल्तानपुर। छह दिनों से जारी बारिश से गोमती नदी के पानी में 0.15 मीटर की वृद्धि से जलस्तर 81.37 मीटर तक पहुंच गया है। जिससे तराई के गांवों के ग्रामीण सांसत में हैं। बारिश से गोमती नदी में उफान आने के आसार बढ़ गए हैं। करीब आधे मीटर के फासले पर स्थित फसलों पर ग्रामीण परेशान हैं। बारिश को देखते हुए प्रशासन जलस्तर पर निगाह लगाए है।
गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ दिनभर कटान जारी है। धनपतगंज के कोलिया और बगीवा गांव के बीच गोमती नदी के किनारे की कुछ जमीन नदी में समाती जा रही है। मामूली बढ़ोतरी से खेतों की ऊंचाई व गोमती नदी के पानी के बीच आधा मीटर का फासला बना है। सुबह तक करीब आठ बजे तक हुई बरसात के पानी का असर शनिवार को दिखने के आसार हैं। इससे देखते हुए कोलिया, बगीवा, जासरपुर, अमऊ, गयादत्त का पुरवा, जज्जौर, माधवपुर, निरसहिया, भंडरा परसुरामपुर के ग्रामीण सांसत में हैं। पशुओं के लिए चारे की भी दिक्कत हो रही है। प्रशासन ने रक्षाबंधन में श्रद्धालुओं के स्नान को देखते हुए गोमती नदी में खतरे का चिह्न लगवा दिया है। घाट पर नाव व बोट की व्यवस्था की गई है। लेखपालों से मिली सूचना में गोमती से कोई प्रभावित गांव नहीं बताया गया है।
अभी सभी गांव सुरक्षित
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व व दैवीय आपदा राहत अधिकारी एस सुधाकरन ने बताया कि अभी सभी गांव सुरक्षित हैं। जलस्तर की रोज रिपोर्ट ली जा रही है। बाढ़ पर नजर रखी जा रही है।