धनपतगंज के कोलिया गांव के पास गोमती में हो रही कटान।
- फोटो : बस स्टेशन पर खड़ी बसें।
सुल्तानपुर। गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से कटान शुरू हो गया है। आधा मीटर जलस्तर बढ़ने के बाद तराई क्षेत्राें के नौ गांवों के खेतों तक पानी पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। कटान और जलस्तर में बढ़ोतरी से ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने खासकर तराई क्षेत्रों के राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों को रोज अपने क्षेत्रों की निगरानी में लगाया है, जिनसे रोजाना रिपोर्ट ली जा रही है।
नदी के जलस्तर में आधा मीटर की बढ़ोतरी से खासकर तराई क्षेत्र के कोलिया और बगीवा गांव के बीच कटान हो रहा है। मड़हा गांव की आबादी के पास पानी पहुंचने में 15 मीटर का फासला बचा है। ग्रामीणों का कहना है कि आधा मीटर नदी का जलस्तर बढ़ते ही फसलें चपेट में आ जाएंगी और आबादी तक पानी पहुंच जाएगा। खेतों तक पानी पहुंचने पर आवागमन का संकट खड़ा हो जाएगा। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए सहमे ग्रामीणों ने नदी पर निगाह लगा दी है। जासरपुर, अमऊ, गयादत्त का पुरवा, जज्जौर, माधवपुर, निरसहिया, भंडरा परसुरामपुर के ग्रामीणों की भी निगाहें जलस्तर पर टिकी हैं।
इनसेट
81.22 मीटर पहुंचा जलस्तर
प्रशासन की ओर से गोमती नदी के बाढ़ की स्थिति भांपी जा रही है। गोलाघाट पर बने खतरे के निशान की रिपोर्ट ली जा रही है। बृहस्पतिवार सुबह आई रिपोर्ट में गोमती नदी का जलस्तर 81.22 मीटर मिला। बुधवार के जलस्तर 80.73 के सापेक्ष करीब आधा मीटर की बढ़ोतरी मिली है। प्रशासन ने खतरे का निशान 84.73 मीटर व चेतावनी निशान 83.73 मीटर निर्धारित किया है। इसके बाद भी तराई क्षेत्र के लोगों को सतर्क किया गया है। दिक्कत आते ही इसकी सूचना फोन से देने का सुझाव दिया गया है।
बिना लाइफ जैकेट नौका विहार पर रोक
प्रशासन ने केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मद्देनजर सावन मास व रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए बिना लाइफ जैकेट के गोमती नदी में नौका विहार करने पर रोक लगा दी है। स्नान के लिए खतरा चिह्न लगाने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं के स्नान के समय पर नजर रखने को कहा गया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने बताया कि अभी सभी गांव सुरक्षित हैं। जलस्तर की रोज रिपोर्ट ली जा रही है। बाढ़ की स्थिति में बचाव के सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।