सुल्तानपुर। बारिश के साथ गोमती नदी के बाढ़ की विभीषिका शुरू हो गई है। गोमती नदी की तराई पर बसे जिले के आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं।
प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी करते हुए चिह्नित 138 गांवों को खाली कराना शुरू कर दिया है। कई गांवों के ग्रामीण अपने पशुुओं को ऊंचे स्थानों पर पहुंचा दिए हैं।
हालांकि अधिकांश ग्रामीण अभी घरों में ही रह रहे हैं। लगातार बढ़ रही गोमती नदी सोमवार तक बाढ़ की तबाही मचा सकती है। इधर, पांचवें दिन बारिश का कहर जारी रहा। बारिश में बीते चौबीस घंटे में 70 मकान गिर गए हैं।
लगातार पांच दिनों से जारी बारिश ने अब तबाही शुरू कर दी है। रविवार को गोमती नदी का जलस्तर 82.420 से बढ़कर 83.020 पर पहुंच गया है। अब गोमती नदी खतरे के निशान 84.735 से करीब डेढ़ मीटर दूर है।
मौसम के मुताबिक 44.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बीते पांच दिनों से जारी आफत की बरसात से गोमती नदी के तराई इलाके के गांवों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
धनपतगंज विकासखंड क्षेत्र का जासरपुर गांव चारों तरफ पानी से घिर गया है। बगीयवा, मिश्राने, सिंघोरिया, अमऊ, गयादत्त का पुरवा तीन तरफ से गोमती नदी के पानी से घिर गया है।
धनपतगंज से मायंग होते हुए कुड़वार व अमऊ से शंकरगढ़ जाने वाला मार्ग करीब पांच सौ मीटर पानी में डूब गया है। उफनाई गोमती से कई गांवों तक पानी पहुंच गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए चिह्नित 138 गांवों को खाली कराना शुरू कर दिया है।
कुछ ग्रामीण अपने पशुुओं को ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिए हैं लेकिन प्रशासन के अलर्ट के बाद भी अधिकांश ग्रामीण अभी अपने गांवों में मौजूद हैं। बगीयवा समेत कई गांव नदी की कटान की जद में आते जा रहे हैं।