शहर के दुर्गापुर बाईपास पर संचालित ग्लेज ट्रेडिंग कंपनी कार्यालय की जांच शुरू हो गई है। सोमवार को जिला कृषि अधिकारी ने कार्यालय पहुंचकर कृषि संबंधित प्रॉडक्ट का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।
शहर के दुर्गापुर मार्ग पर संचालित ग्लेज ट्रेडिंग कंपनी कार्यालय को सात नवंबर को पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में सील कर दिया था। पुलिस का कहना था कि कंपनी के लोग साक्ष्य को मिटा रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम और सीओ ने एक सामूहिक रिपोर्ट डीएम को भेजकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कंपनी का कार्यालय सील करने के बाद सोमवार को जिला कृषि अधिकारी वीके सिंह कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सील तोड़कर कार्यालय खोला।
जिला कृषि अधिकारी ने जांच के लिए कार्यालय में रखे कृषि संबंधित उत्पाद का सैंपल एकत्र किया। इसके बाद पुलिस ने दोबारा कार्यालय को सील कर दिया। गौरतलब है कि कंपनी तब चर्चा में आई जब फिरोजाबाद जिले के थाना खैरगढ़ के गांव हाथवंत निवासी कामता प्रसाद ने कोतवाली पहुंचकर गंभीर आरोप लगाए थे। कामता प्रसाद ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि कंपनी ने जैविक खाद का प्रशिक्षण देने के लिए उससे दस हजार रुपये जमाकर बाद में नौकरी देने की बात कही थी।
आरोप लगाया था कि प्रशिक्षण के बजाय उससे कृषि के तमाम उत्पादों के साथ ही कास्मेटिक सामानों की बिक्री कराई जा रही है। पुलिस ने उसकी तहरीर पर केस दर्ज कर कंपनी के मैनेजर रवि सिंह को जेल भेज दिया था। मैनेजर के जेल से छूटने के बाद कंपनी दोबारा चलने लगी थी।