सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट हिंदी विषय की परीक्षा 18 फरवरी को होगी। 100 अंकों के इस प्रश्नपत्र को लेकर विद्यार्थियों में उत्सुकता के साथ स्वाभाविक तनाव भी है। रामरती इंटरमीडिएट कॉलेज द्वारिकागंज के हिंदी प्रवक्ता सर्वेशकांत वर्मा ने बताया कि अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए शुद्ध एवं सुंदर लेखन तथा व्याकरण का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। मजबूत ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा में सफल होने के लिए प्रश्नपत्र की संरचना को समझना और तैयारी की सही रणनीति अपनाना महत्वपूर्ण है। परीक्षा में केवल वही लिखें, जो पूछा गया हो, क्योंकि अनावश्यक विस्तार या विषय से भटकाव अंकों को कम कर सकता है। प्रश्न को ठीक से समझने के के उपरांत सटीक और संतुलित उत्तर लिखना ही सफलता की कुंजी है। हिंदी प्रश्नपत्र में प्रथम और द्वितीय प्रश्न बहुविकल्पीय होते हैं जो 10 अंकों के होते हैं। गद्य व पद्म से संबंधित प्रश्न पांच-पांच अंकों के होते हैं। इसके अतिरिक्त, गद्यांश और पद्यांश पर आधारित प्रश्न भी पांच पांच अंकों के पूछे जाते हैं। पहले पांच प्रश्न दो अंकों के होते हैं, जिन्हें ध्यानपूर्वक हल करने पर पूरे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
लेखक, कवि और खंडकाव्य से अंक प्राप्ति
हिंदी प्रवक्ता ने बताया कि लेखक व कवि के साहित्यिक परिचय और उनकी प्रमुख कृतियों से संबंधित प्रश्न पांच-पांच अंकों के होते हैं। विद्यार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यहां जीवन-परिचय के बजाय साहित्यिक परिचय पूछा जाता है। इस अंतर को न समझने से छात्र अनावश्यक जानकारी लिखते हैं, जिससे अंक कट सकते हैं। कहानी और खंडकाव्य (आलोकवृत्त) से भी पांच-पांच अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। उनका उत्तर 80 शब्दों में अपेक्षित है। संक्षिप्त, सटीक और विषयानुकूल उत्तर सफलता सुनिश्चित करते हैं।
व्याकरण, भाषा-ज्ञान और निबंध लेखन का महत्व मुहावरे, वाक्य-शुद्धि, शब्द-युग्म, एक शब्द के दो अर्थ, वाक्यांश के लिए एक शब्द, रस, छंद और अलंकार जैसे विषयों से लघु प्रश्न आते हैं, जिनके लिए नियमित अभ्यास से पूरे अंक सुरक्षित किए जा सकते हैं। पत्र लेखन छह अंकों का और निबंध लेखन नौ अंकों का होता है। निबंध में लंबाई से अधिक विचारों की स्पष्टता और क्रमबद्ध प्रस्तुति को महत्व दिया जाता है।