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वाट्स एप पर खूब छाए गायत्री

Sat, 04 Mar 2017 10:23 PM IST
Amarujala Bureau
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गायत्री सुल्तानपुर के किसी निजी अस्पताल में भर्ती हैं..गायत्री दीवानी न्यायालय में सरेंडर करने आ रहे हैं..गायत्री को अमेठी आवास से पुलिस पकड़ ले गई।... ये कुछ मैसेज हैं जो इन दिनों वाट्स एप ग्रुप पर आम हैं। ऐसे मैसेज को लेकर पुलिस और मीडिया कर्मी हलकान हैं। अमेठी से लेकर सुल्तानपुर तक में चाय-पान की दुकानों से लेकर नुक्कड़-चौराहों तक सिर्फ एक ही चर्चा है..आखिर अब गायत्री प्रसाद प्रजापति का क्या होगा।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सूबे के परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज होने के बाद हर ओर सिर्फ उनकी चर्चा है। 27 फरवरी को अमेठी के मतदान केंद्रों पर दिखने वाले गायत्री का 28 फरवरी के बाद से कुछ पता नहीं है। 24 घंटे उनकी सुरक्षा ड्यूटी में बजाने वाले अमेठी जिले के छह सिपाहियों ने भी पुलिस लाइंस में यह कहते हुए अपनी आमद दर्ज करा दी है कि मंत्री उन्हें ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। उनके कार्यालय में दिन भर बैठकी करने वाले और पांच साल मजे मारने वालों ने किनारा कर लिया है। हर ओर चर्चाओं का बाजार गर्म है। बिना सिर-पैर की अफवाहों ने मजाक बनाकर रख दिया है।

एक फरवरी को यह चर्चा आम हो गई कि लखनऊ पुलिस उनके आवास पर दबिश देने आ रही है। फिर क्या था.. मीडिया कर्मियों का उनके आवास के पास जमावड़ा लग गया। रात दो बजे के बाद ही मीडिया कर्मी वहां से हटे। इस दौरान मीडिया कर्मियों की निगाह गायत्री के करीबियों व इस मामले में नामजद अमरेंद्र सिंह पिंटू और अशोक तिवारी के मकान और गांव पर भी रही। इसी दिन रात आठ बजे अफवाह उड़ी कि गायत्री सुल्तानपुर के किसी निजी अस्पताल में भर्ती हैं। फिर क्या था? भाई लोगों ने शहर से लेकर आसपास के अस्पतालों तक को खंगाल डाला। किसी तरह रात बीती.. दो फरवरी की सुबह होते ही मीडिया कर्मियों की दौड़ गायत्री के आवास की ओर हो गई। अपराह्न किसी ने वाट्स एप पर पुडिय़ा छोड़ दी...गायत्री प्रसाद प्रजापति अमेठी से गिरफ्तार। आखिर यह मैसेज भी झूठा निकला।
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मैसेज पोस्ट करने वाले की लानत-मलानत हुई सो अलग। तीन फरवरी को यह मैसेज पास हुआ कि गायत्री सुल्तानपुर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंच रहे हैं। इस आशंका पर पुलिस तो वहां नहीं पहुंची लेकिन दल-बल के साथ मीडिया कोर्ट परिसर में डट गया। सरेंडर अप्लीकेशन की समय सीमा दोपहर 12 बजे बीत जाने के बाद भी डेढ़ घंटे तक वहां जमे रहने के बाद मीडिया कर्मी हटे। शाम होते-होते एक बार फर्जी मैसेज पास हुआ कि गायत्री अमेठी से गिरफ्तार। बाद में यह मैसेज भी फर्जी निकला।
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