श्रद्घा, भक्ति व गाजे-बाजे के साथ सोमवार को गणपति बप्पा की प्रतिमाएं पंडालों में स्थापित की गईं। शहर में छोटे-बड़े 40 पंडाल सजाए गए हैं। पंडालों में 1,100 से लेकर 10,000 रुपये तक की गणेश प्रतिमाएं विराजमान हैं। हर साल की तरह इस बार भी गणेशोत्सव की तैयारी को लेकर शहर में साधारण ढंग के पंडाल सजाए गए हैं।
चौक इलाके में स्थित पंडाल में भगवान गणेश की सबसे बड़ी प्रतिमा नौ फिट की स्थापित की गई है। शहर में छोटे-बड़े कुल 40 गणेश पंडाल बनाए गए हैं। सभी पंडालों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। श्रद्घालुओं को दर्शन करने में परेशानी न हो, इसके लिए पंडालों के आसपास सड़क के किनारे भी आकर्षक लाइटें लगाई गई हैं। इस बार पंडालों में श्रद्धालु भगवान गणेश के अजंता समेत कई रूपों का दर्शन करेंगे।
सोमवार को देर शाम तक समिति के लोग पंडालों की सजावट में लगे रहे। महाराष्ट्र की तरह यहां पर करीब 40 साल से गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। दुर्गापूजा महोत्सव की तरह गणपति दर्शन के लिए श्रद्घालु कम आते हैं। शहर के पंडालों में 1,100 से लेकर 10,000 रुपये तक की गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। वहीं कुछ लोगों ने अपने घरों में भी गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापित की है।