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Sultanpur News: फुरकान, अनुज, अरबाज, मंगेश और अंकित ने डाली थी डकैती

Sat, 07 Sep 2024 03:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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सुल्तानपुर। शहर के ठठेरीबाजार में भरतजी सोनी की दुकान में डकैती डालने वालों के नाम सामने आ गए हैं। वारदात में किस बदमाश ने क्या भूमिका अदा की थी, ये भी साफ कर दिया गया है। मास्टरमाइंड विपिन सिंह सराफ की दुकान में नहीं घुसा था, लेकिन उसी ने रेकी की थी। डकैती के बाद बदमाशों को शहर से बाहर निकालने में भी उसी ने मदद की थी। पुलिस अफसरों ने दबी जुबान से डकैती से जुड़ी ये महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
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28 अगस्त को दिनदहाड़े ठठेरीबाजार में भरतजी सोनी की दुकान में पांच बदमाश घुसे थे और असलहे के बल पर करीब डेढ़ करोड़ के आभूषण समेट ले गए थे। पुलिस अफसरों के मुताबिक फुरकान, अनुज प्रताप सिंह, अरबाज, मंगेश और अंकित यादव ने भरतजी की दुकान में डकैती डाली थी। सोशल मीडिया में डकैती के वायरल वीडियाे की बात करें तो जिस बदमाश ने सिर और चेहरे को भगवा गमछे से ढक रखा था, वही मंगेश था।


मास्टरमाइंड विपिन सिंह अपने साथियों विनय शुक्ला, अजय यादव, अरविंद यादव, विवेक सिंह, दुर्गेश प्रताप सिंह के साथ पांचों बदमाशों को बैकअप दे रहा था, ताकि वे शहर से आसानी से बाहर निकल जाएं। शहर से निकलते ही उन्हें त्रिभुवन की बोलेरो में बैठाया गया। लूटा गया माल भी उसी गाड़ी में लादा गया, जो उसी दिन रायबरेली पहुंचा दिया गया। पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बताया कि डकैती में शामिल अन्य 10 बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही शेष आभूषणों की रिकवरी भी कर ली जाएगी।
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पहली मुठभेड़ में गिरफ्तार बदमाशों की कहानी

शहर क्षेत्र के गोड़वा इंटर कॉलेज के पास मंगलवार भोर में पुलिस मुठभेड़ में पुष्पेंद्र, त्रिभुवन और सचिन सिंह को गिरफ्तार किया गया था। इन्होंने ही डकैती में शामिल बदमाशों के बारे में सारी जानकारी पुलिस से साझा की थी। सचिन और पुष्पेंद्र ने त्रिभुवन के साथ मिलकर बोलेरो का इंतजाम किया था, जिससे पांचों डकैत भागे थे। बताया जा रहा है कि बोलेरो त्रिभुवन की है।






रेकी में भी शामिल थे फुरकान और अरबाज
डकैती की रेकी में मास्टरमाइंड विपिन सिंह के साथ फुरकान उर्फ गुर्जर और अरबाज भी शामिल थे। ये दोनों बदमाश भरतजी की दुकान में डकैती डालने भी गए थे। इनके अलावा सचिन और पुष्पेंद्र ने भी रेकी की थी।






बैकअप देने के लिए छह बदमाश थे सक्रिय
डकैती डालने और फिर सुरक्षित बाजार से बाहर निकलने के लिए बदमाशों ने मजबूत प्लानिंग की थी। सिर्फ डकैतों को बैकअप देने के लिए विपिन सिंह के साथ विनय शुक्ला, अजय यादव, अरविंद यादव, विवेक सिंह और दुर्गेश प्रताप सिंह लगे थे। इनमें विपिन के अलावा अजय यादव और अरविंद यादव भी गिरोह का सरगना हैं। अजय यादव का गिरोह जौनपुर और अरविंद यादव का आजमगढ़ में रजिस्टर्ड है।





एसटीएफ ने मंगेश को किया था ढेर

कोतवाली देहात के मिश्रपुर पुरैना के पास बृहस्पतिवार भोर में एसटीएफ ने एक लाख के इनामी डकैती मंगेश को मार गिराया था। उसका एक साथी मौके से भाग निकला था। एसटीएफ समेत पुलिस की सात टीमें डकैती में शामिल अन्य 10 बदमाशों की तलाश में जुटी हैं।





मंगेश के सिर, पेट और हाथ में लगी गोली

मुठभेड़ में मारे गए डकैत मंगेश का बृहस्पतिवार को ही पोस्टमार्टम कराया गया। डॉ. दिनेश, डॉ. एलके मिश्रा और डा. डीबी सिंह की टीम ने उसका अंत्य परीक्षण किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। मंगेश को कितनी गोलियां लगी हैं, इसको लेकर जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि, डकैत के सिर, पेट और हाथ में गोली लगने की बात सामने आई है।




सिर्फ चांदी लगी हाथ, सोने का पता नहीं

सराफा डकैती कांड में अब तक पुलिस लगभग 20 किलो चांदी बरामद कर चुकी है। साेने के आभूषणों के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। एसटीएफ और पुलिस की टीमें गुजरात सहित कई जनपदों में डेरा डाले हुए हैं। वारदात को 11 दिन बीत चुके हैं। लूटे गए आभूषणों की 100 फीसदी रिकवरी की बात पुलिस अफसरों ने कही थी, लेकिन अब तक अपेक्षानुरूप परिणाम सामने नहीं आए हैं, जिसको लेकर व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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