बल्दीराय (सुल्तानपुर)। सऊदी अरब नौकरी करने गए बघौना गांव के युवक को वापस नहीं आने दिया जा रहा है। जिस कंपनी में वह काम करता है, उसके मालिक ने युवक का पासपोर्ट जमा करा लिया है। उन्हें समय से तनख्वाह भी नहीं दी जा रही है। युवक की पत्नी ने पति को वापस घर लाने के लिए प्रधानमंत्री से मदद मांगी है।
बघौना निवासी राजेंद्र कुमार पाल 14 महीने पहले हापुड़ के एजेंट सलमान के माध्यम से सऊदी अरब के दम्माम में ड्राइवर की नौकरी करने गए थे। वहां उन्हें प्रतिदिन 800 रियाल के अनुबंध पर चालक की नौकरी करनी थी। राजेंद्र की पत्नी चंद्रकला ने बताया कि राजेंद्र से एक साल तक मजदूरी कराई गई और 800 की जगह 600 रियाल दिए जा रहे थे। करीब तीन माह पहले उन्हें ड्राइवर की नौकरी तो दे दी गई, लेकिन तनख्वाह नहीं दी जा रही है।
घर पर पत्नी व दो बच्चों तेजस और हरीश के अलावा राजेंद्र की 90 वर्षीय बूढ़ी मां रहती हैं। तीन महीने से घर पर पैसा नहीं आने से परिवार के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राजेंद्र की बूढ़ी मां पैरालिसिस का अटैक पड़ने के कारण बिस्तर से नहीं उठ पा रही हैं।
बकरियों की देखभाल में लगाया, शौचालय भी साफ कराया
पीड़ित राजेंद्र ने वीडियो कॉल में बताया कि शुरुआत में उनको बकरियों की देखभाल का काम दिया गया। कई दिनों तक शौचालय साफ कराया। मजदूरी करने पर 600 रियाल मिलते थे, लेकिन ड्राइवर का काम मिलने के बाद सैलरी नहीं दी जा रही है। टूर पर निकलने पर जो पैसा बचता है, उसी से किसी तरह गुजारा हो रहा है। पीड़ित ने वहां मजदूरी करते फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। राजेंद्र ने प्रधानमंत्री से मदद मांगी है, ताकि वह वापस अपने घर लौट सके।
परिवार चलाना हो रहा मुश्किल
राजेंद्र की पत्नी चंद्रकला ने बताया कि सास की तबीयत खराब रहती है। उनके इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई पर भी खर्च हो रहा है। पति को तनख्वाह नहीं मिल रही, जिसके कारण आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बताया कि राजेंद्र तीन भाईयों में सबसे छोटे हैं। दूसरे नंबर के भाई की मौत हो चुकी है। जेठ राम प्रताप सपरिवार प्रयागराज में रहते हैं। पति की सही सलामत वतन वापसी के लिए चंद्रकला ने भी प्रधानमंत्री से आग्रह किया है।