कादीपुर (सुल्तानपुर)। पहले से ही गड्ढायुक्त सड़कों की हालत बरसात होने के कारण बद से बदतर हो गई हैं। इसमें राजमार्ग, जिला मार्ग तक शामिल हैं। ग्रामीण सड़कों का हाल तो और भी बुरा है। अधिकांश पर तो पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सालभर के अधिक समय से क्षेत्र की सड़कों पर आवागमन की समस्या बनी हुई है। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रमुख सड़कों के सुधार होने की उम्मीद जगी है।
पट्टी-टांडा राजमार्ग कादीपुर से दोस्तपुर तक 16 किमी लंबी सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बुढ़ाना गांव के डबल नहर के पुल पर जानलेवा गड्ढे के साथ जलभराव भी हो गया है। सरैया मुस्तफाबाद बाजार में राजमार्ग गड़ढों में तब्दील हो गया है। अमूमन हर समय आसपास का पानी भरा रहता है। पानी भरे गड्ढे में अक्सर लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। पिछले वर्ष इस राजमार्ग से गुजरते समय प्रदेश के पूर्व लोक निर्माण मंत्री व सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसकी दुर्दशा पर ट्वीट किया था।
इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने गड्ढों में मिट्टी व ईंट के टुकड़े डालकर छोड़ दिया था। करीब चार साल पहले बना 10 किमी लंबा कादीपुर-धोपाप मार्ग राईबीगो गांव के पास नीचे से बह गया। घटिया निर्माण से सड़क की गिट्टियां बहकर खेतों में चली गईं हैं। हालत खराब देख प्रशासन ने सड़क पर पेड़ रखवा कर आवागमन बंद करा दिया है। डेवाढ़ बाजार से बिजेथुआ महावीर जाने वाले लगभग आठ किमी लंबे जिला मार्ग की हालत बद से बदतर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
यही हाल सुरापुर बाजार से दोस्तपुर करीब 14 किमी लंबे मार्ग की है। लखनऊ-बलिया हाईवे को जोड़ने वाला कस्बे के चीनी मिल से निकला करीब डेढ़ किमी लंबा बाईपास मार्ग भी बरसात में बह गया है। प्रशासन ने मार्ग पर बैरिकेडिंग कराकर आवागमन बंद करा दिया है। यही स्थिति अन्य मार्गों की भी है।
नए सिरे से मार्ग किए जाएंगे चिह्नित
लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि नए सिरे से मार्गों को चिह्नित कराकर मरम्मत कार्य कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर नवीनीकरण का कार्य भी कराया जाएगा।