जानलेवा बनते जा रहे स्मॉग को लेकर प्रशासन लगातार चौथे दिन भी संवदेनहीन बना रहा। अधिक धुंआ देने वाले वाहनों की न तो चेकिंग हुई और न ही सड़कों पर पानी का छिड़काव जैसे उपाय किए गए। नियंत्रण का उपाय शुरू नहीं होने से आसमान में लगातार चौथे दिन भी धुंध छाया रहा। जहरीली हो चुकी हवा से लोग असहज महसूस करते रहे। शाम के वक्त लोगों को खुली जगहों पर ज्यादा दिक्कतें हुईं। हालांकि प्रशासन ने इस संबंध में उपाय करने का दावा किया है।
देेश में स्मॉग के मामले में लखनऊ पहले स्थान पर आने के बाद मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी जिले में जहरीली हवा पर नियंत्रण पाने के कोई उपाय शुरू नहीं हुए। न तो अधिक धुआं देने वाले वाहनों की जांच हुई और न ही सड़कों पर पानी का छिड़काव कराकर नियंत्रण पाने की कोशिश हुई।
दिन भर अधिक धुआं देने वाले वाहन सड़कों पर फर्राटा भरते रहे। जगह-जगह जाम की समस्या बनी रही। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण का कोई उपाय शुरू नहीं होने से लगातार चौथे दिन भी आसमान में धुंध छाई रही। लोग दिन भर जहरीली गैस से जूझते रहे। शाम के वक्त खुली जगहों पर लोगों को ज्यादा परेशानी रही। प्रदूषण से खुली जगहों पर आंखों में मिर्च जैसी चुभन लगती रही।