सुल्तानपुर। करीब पांच वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में मृतक के पिता समेत चार गवाह अदालत में गवाही देने से मुकर गए। एडीजे प्रथम प्रशांत मिश्र ने साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। मामला लंभुआ थाने के मकसूदन मिश्रपुर गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी त्रिभुवन दत्त मिश्र का पुत्र संजीव मिश्र अपनी कार से 28 जुलाई 2014 को विंध्याचल जाने के लिए निकला था। रास्ते में चांदा थाने के कोइरीपुर से गुदरा घाट जाने वाले मार्ग पर स्थित छतौना गांव के पास संजीव को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर घायल कर दिया था।
गंभीर अवस्था में संजीव को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया था। वहां पर इलाज के दौरान संजीव की मौत हो गई थी। मृतक के चाचा राम श्रीनेत्र मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने चांदा थाने में अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
विवेचना में पुलिस ने लंभुआ थाने के लाला का पुरवा निवासी सुनील यादव और करौंदीकलां थाने के धारुपुर निवासी अनिरुद्ध प्रसाद उपाध्याय व सुरेश कुमार उपाध्याय उर्फ दादा को अभियुक्त बनाते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने बताया कि मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए मृतक के पिता त्रिभुवन दत्त समेत पांच गवाहों में से चार गवाह होस्टाइल हो गए और वे गवाही देने से मुकर गए। एडीजे प्रथम प्रशांत मिश्र ने साक्ष्य के अभाव में तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।