सुल्तानपुर। गोसाईगंज थाना क्षेत्र के भरथीपुर गांव के पास छह नवंबर की शाम सराफा कारोबारी सुरेश सोनी के साथ हुई 25 लाख की लूट का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया। गोसाईगंज के युवक के इशारे पर आजमगढ़ के चार बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था।
लूट में शामिल तीन बदमाशों को मंगलवार भोर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर खरसोमा अंडरपास के पास गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से 45 ग्राम सोना और 3.50 किलो चांदी बरामद की गई है। एक लुटेरा नहीं पकड़ा गया है, जबकि दूसरा लूट के दूसरे केस में आजमगढ़ जेल में बंद है।
पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि छह नवंबर की शाम भरथीपुर गांव के पास कार सवार बदमाशों ने सुरेश सोनी के साथ लूटपाट की थी। जांच के दौरान पता चला कि गोसाईगंज के अजीजपुर निवासी तौसीफ ने सुरेश सोनी की रेकी की थी। उसने आजमगढ़ जिले के घुरीपुरी थाना निजामाबाद निवासी अपने रिश्तेदार मैनुद्दीन उर्फ मिस्टर को लूटपाट के लिए तैयार किया था, जोकि निजामाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसी ने गैंग को लीड किया था। जिस कार से लूटपाट की गई, उसमें मैनुद्दीन के अलावा आजमगढ़ के मुस्लिम पट्टी थाना निजामाबाद का मिर्जा अरबाज उर्फ डॉक्टर, शाकिब नाई और सोढ़री थाना निजामाबाद का नागा उर्फ सुरजीत बारी भी बैठा था।
सुरेश जब दुकान से निकले तो इसकी सूचना तौसीफ ने मैनुद्दीन को दी। तौसीफ सुदनापुर चौराहे पर रुक गया था। कार की व्यवस्था अरबाज ने की थी। वारदात वाली शाम अरबाज ही कार चला रहा था। लूटपाट के बाद चारों बदमाश आजमगढ़ भाग गए थे। बाद में लूट का माल पांचों बदमाशों ने आपस में बांट लिया था।
जेवर बेचने लखनऊ जा रहे थे तीनों बदमाश
एसपी के मुताबिक मिर्जा अरबाज, तौसीफ और शाकिब अपने हिस्से का माल बेचने कार से लखनऊ जा रहे थे। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर खरसोमा अंडरपास के पास भोर में करीब साढ़े तीन बजे नाकाबंदी करके उन्हें रोक लिया गया। तीनों के पास से सोने व चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि मैनुद्दीन की पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए वह साथ नहीं आया था। एक अन्य नागा दूसरी लूट करने के चलते जेल में बंद है। एसपी ने बताया कि मैनुद्दीन को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अरबाज ने कार से टक्कर मारी, फिर तमंचे से किया हमला
लूट के आरोपी शाकिब ने बताया कि मिर्जा अरबाज ने सुरेश की बाइक में कार से टक्कर मारी थी। कार से उतरकर पहले उसने (शाकिब ने) बांस के डंडे से सुरेश के सिर पर हमला किया था। उसके बाद अरबाज ने तमंचे की बट से सुरेश के सिर पर मारा था।सुरेश के घायल होने के बाद उससे जेवरात लूटकर चारों आजमगढ़ भाग गए थे।