सुल्तानपुर। जेसीबी से व्यापारी की दीवार व गेट गिराने और विरोध करने पर पिटाई के मामले में बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके दो समर्थकों को दोषी करार दिया है। तीनों को डेढ़ वर्ष की कैद व प्रत्येक को 7,700 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला धनपतगंज थाने के मायंग गांव से जुड़ा है।
विशेष लोक अभियोजक वैभव पांडेय के मुताबिक मायंग गांव के व्यापारी बनारसी लाल कसौधन ने 25 फरवरी 2021 को इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह माेनू व गांव के सिंटू और छह-सात अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
बनारसी लाल ने आरोप लगाया था कि पूर्व विधायक व अन्य लोग जेसीबी लेकर पहुंचे थे और घर में घुसकर उनके पुत्र अनिल को असलहा दिखाते हुए मारापीटा था। इसमें बनारसी को भी चोट आई थी। यह भी आरोप है कि पूर्व विधायक व अन्य लोगों ने जेसीबी से घर की दीवार व लोहे का गेट गिरा दिया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने मामले में पूर्व विधायक के साथ ही उनके गांव के समर्थक अंशू उर्फ सूर्य प्रकाश सिंह और अमेठी जिले के कमरौली थाने के ग्राम चांदगढ़ मौजा वनभरिया निवासी रुकसार अहमद के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी जबकि पूर्व विधायक के भाई यशभद्र सिंह मोनू व सिंटू का नाम निकाल दिया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बृहस्पतिवार को मजिस्ट्रेट याेगेश कुमार यादव ने पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू और उनके समर्थक अंशू उर्फ सूर्य प्रकाश सिंह व रुकसार अहमद को दोषी मानते हुए डेढ़ वर्ष की कैद व प्रत्येक को 7,700 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि, कोर्ट ने पूर्व विधायक व उनके दो समर्थकों को अपील दायर करने के लिए जमानत पर रिहा कर दिया।