सुल्तानपुर। सिविल पुलिस, पीएसी और अग्निमशन विभाग में 2020-21 में हुई भर्ती में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सुल्तानपुर पीटीएस में पकड़ा गया है। यहां एक प्रशिक्षु की मुख्य परीक्षा किसी दूसरे ने दी थी। पीटीएस में जांच के दौरान वह परीक्षा देने वाले व्यक्ति के अंगूठे का क्लोन लगाकर जांच करवा रहा था किंतु संदेह होने पर पकड़ा गया। इस खुलासे से विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर केस दर्ज करा दिया गया है।
2020-2021 में हुई भर्ती में मथुरा जिले के थाना मोहझील ग्राम गढ़ी सामंता निवासी ध्रुव चौधरी का भी चयन हुआ था। ध्रुव पुलिस ट्रेनिंग स्कूल अमहट में करीब चार माह से प्रशिक्षण ले रहा था। इस दौरान हाईकोर्ट के आदेश पर जब सभी प्रशिक्षुओं के कागजात से लेकर बायोमीट्रिक जांच शुरू हुई तो ध्रुव के होश उड़ गए। वह बीमार होने का बहाना बनाकर चला गया और जिस व्यक्ति ने उसकी मुख्य परीक्षा दी थी, उसका बायोमीट्रिक क्लोन बनवाकर अंगूठे पर लगा लिया।
सात जुलाई को जब वह बायोमीट्रिक जांच करवा रहा था तो भर्ती कराने वाली कंपनी के अधिकारी और लखनऊ से आए भर्ती बोर्ड के सीओ मो. असगर को संदेह हुआ। अंगूठा खुरचवाया गया तो क्लोन उतर गया। इसके बाद मिलान किया गया तो मूल अंगूठे से उसके निशान मिलते नहीं पाए गए।
ऐसे में तत्काल ध्रुव चौधरी को गिरफ्तार करवाया गया और उसके खिलाफ भर्ती बोर्ड के सीओ मो. असगर ने कोतवाली नगर में धोखाधड़ी, कूटरचना समेत अनेक गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया। सीओ पुलिस भर्ती बोर्ड मो. असगर ने बताया कि विद्यालय में प्रशिक्षण ले रहे सभी उपनिरीक्षकों की जांच की गई है। आरोपी का नाम पुलिस प्रशिक्षण से हटा दिया गया है। इसके साथ ही सुल्तानपुर में सभी प्रशिक्षुओं की नए सिरे से जांच भी कराई जा रही है।
फर्जीवाड़ा मामले की चल रही है जांच
2020-21 में भर्ती किए गए 627 उप निरीक्षक करीब चार माह से पीटीएस अमहट में प्रशिक्षण ले रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर इन सभी प्रशिक्षुओं के कागजात से लेकर बायोमैट्रिक तक की नए सिरे से जांच कराई जा रही है। फर्जीवाड़ा मामले की जांच चल रही है।
-राम आशीष उपाध्याय, कोतवाल
दूसरे प्रदेश के नेटवर्क से हुई थी भर्ती में धांधली
सुल्तानपुर। पीटीएस सुल्तानपुर में क्लोन अंगूठा निशान के जरिए दरोगा का प्रशिक्षण लेने का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मची है। सुल्तानपुर पुलिस ने इस मामले में जांच के लिए दो टीमें बना दी हैं जो वृहद पैमाने पर जांच कर रही हैं। अब तक की जांच से सामने आया है कि भर्ती के इस फर्जीवाड़े में गैर प्रांत का भी नेटवर्क काम कर रहा है।
मथुरा के ध्रुव चौधरी ने 2020-21 की दरोगा भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया था। उसकी जगह किसी और ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के दौरान हस्ताक्षर उसी शख्स ने किए और बायोमीट्रिक निशान भी उसी का लगा। इसके बाद प्रशिक्षण से पहले जब कागजात से लेकर बाकी जांचें हुईं तो ध्रुव चौधरी को उसमें क्लीन चिट मिली और वह आकर प्रशिक्षण लेने लगा।
हाईकोर्ट के आदेश पर यदि दोबारा जांच न हुई होती तो शायद कुछ माह बाद वह कहीं दरोगा बनकर नौकरी भी शुरू कर देता। इसमें क्लोन बायोमीट्रिक बनाने के लिए एक योग्य सर्जन की भी जरूरत पड़ी होगी। जाहिर है यह फर्जीवाड़ा किसी एक शख्स के बूते की बात नहीं है, इसमें एक बड़ा गैंग काम कर रहा है जिसकी कहीं न कहीं पुलिस भर्ती प्रक्रिया में भी खासी पैठ है।
सुल्तानपुर पुलिस अब इसी गिरोह के राज खंगालने में जुटी है। इसके लिए गिरफ्तार युवक से पूछताछ के बाद पुलिस अधीक्षक ने दो टीमें बनाकर जांच करवाई हैं। अब तक की जांच से पता चला है कि दूसरे प्रदेश के लोग भी इस गैंग में शामिल हैं।
हालांकि पुलिस अधिकारी इस मामले में खुलकर कुछ नहीं बता रहे हैं। किंतु उनका दावा है कि एक बड़ा गैंग इस जांच के बाद सामने आएगा क्योंकि पुलिस दोतरफा जांच कर रही हैं। एक टीम फर्जीवाड़ा से जुड़े लोगों को ट्रेस कर रही है तो दूसरी टीम उस नेटवर्क को खंगाल रही है जिसने पूरी भर्ती प्रक्रिया की सारी व्यूह रचना को ही भेद दिया है। (संवाद)
वर्जन
सर्विलांस समेत दो टीमें इस मामले की छानबीन कर रही हैं। ये सच है कि इस मामले का कनेक्शन दूसरे प्रदेशों से भी जुड़ा है। जांच पूरी होते ही सारा रैकेट सामने आ जाएगा। इसमें तकनीकी मदद करने वालों का भी चेहरा बेनकाब होगा।
- सोमेन बर्मा, पुलिस अधीक्षक, सुल्तानपुर