सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर निखारने के लिए अब तकनीक की मदद ली जाएगी। दिसंबर माह में जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के लगभग 2.25 लाख विद्यार्थी पहली बार निपुण प्लस एप के माध्यम से परीक्षा देंगे। इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि बच्चों की वास्तविक दक्षता का आकलन भी सटीक तरीके से हो सकेगा।
जिले में 2065 परिषदीय स्कूल संचालित है। इन परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों के लिए यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी डीएलएड प्रशिक्षुओं को दी गई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहला अवसर होगा, जब परिषदीय स्कूलों में मूल्यांकन पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से होगा।
निपुण भारत मिशन के तहत केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026-27 तक सभी बच्चे भाषा और गणित में निपुण हो जाएं। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि स्कूलों में प्रत्येक माह के अनुसार कोर्स पूरा कराया जा रहा है। छात्रों का मूल्यांकन निपुण लक्ष्य के अनुरूप किया जा रहा है। बताया कि कई स्कूलों के बच्चे पिछली बार निपुण हो चुके हैं। किसी स्तर पर कमी की गुजांइश न रहे, इसके लिए हर बच्चे का प्रदर्शन अब एप के माध्यम से दर्ज किया जा रहा है। शिक्षकों को एप के संचालन की विशेष ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण श्याम सुंदर ने बताया कि स्कूल स्तर पर एआरपी और एसआरजी टीमों की ओर से विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद तैयार रिपोर्ट को जिला परियोजना कार्यालय भेजा जाएगा। राज्य परियोजना टीम की ओर से अंतिम परीक्षा की तिथि दिसंबर में घोषित की जाएगी।