सुल्तानपुर। होली के बाद से ही मौसम का मिजाज बदलता नजर आने लगा है। इसके चलते बीते दो दिनों से आसमान में धुंध छाई हुई है। साथ ही तापमान बढ़ने से उमस भी महसूस की जा रही है। धुंध के बीच आसमान में बादलों की आवाजाही ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि यदि ऐसे में बरसात हो गई तो गई तो खेतों में तैयार खड़ी फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
जिले में सरसों, चना और मटर की फसल लगभग तैयार हो चुकी है। किसान सरसों की कटाई के बाद मड़ाई की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन मौसम के बदलते रुख से उन्हें नुकसान की आशंका सता रही है। किसान अरविंद, गया प्रसाद और शिवबरन ने बताया कि दलहन और तिलहन की फसल लगभग तैयार है। ऐसे में यदि इस महीने बरसात हो गई तो चना, मटर, सरसों के साथ गेहूं और जौ की फसल को नुकसान हो सकता है। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने की आशंका है। किसान राम आसरे, सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि यदि बूंदाबांदी भी हुई तो दलहन और तिलहन के साथ गेहूं व जौ की फसल प्रभावित हो सकती है। वहीं बरसात होने पर आलू की फसल को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
बढ़ने लगी बिजली की खपत
मौसम के बदले मिजाज के कारण दिन चढ़ते ही धूप के साथ गर्मी बढ़ जाती है, रात में भी न्यूनतम तापमान में इजाफा होने लगा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बढ़ती गर्मी का असर लोगों की दिनचर्या पर भी दिखने लगा है। घरों और दफ्तरों में पंखे चलने लगे हैं और बिजली की खपत भी करीब डेढ़ गुना तक बढ़ गई है।