पिछले वित्तीय वर्ष में उद्यान विभाग ने पर्यावरण पार्क के लिए फुलवारी योजना के तहत 21.5 लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। कैबिनेट मंत्री ने एक साल पूर्व पर्यावरण पार्क की फुलवारी योजना के लिए बजट की घोषणा भी की थी। मद में बजट नहीं होने की वजह से योजना धराशायी हो गई। विभागीय अधिकारी पर्यावरण पार्क के सौंदर्यीकरण के बजट की बाट जोह रहे हैं।
उद्यान विभाग ने शहर के पर्यावरण पार्क के लिए फुलवारी योजना के अंतर्गत पिछले वित्तीय वर्ष में शासन को प्रस्ताव भेजा था। भेजे गए प्रस्ताव में पर्यावरण पार्क में लॉन की स्थापना, गुलाबबाड़ी, अलंकृत पौधों का रोपण, पार्क में बने हट, ग्रिल की मरम्मत व रंगाई-पुताई का कार्य कराया जाना था। पर्यावरण पार्क में 0.2 हेक्टेयर में गुलाबबाड़ी बनाई जानी थी। अलंकृत पौधों में यूरेकापॉय, स्टोकेरिया, क्रोटन, फरकेरिया, एग्जोरा, बोगनवेलिया, डूरेंटा, ड्रेसिना समेत कई वेराइटी के पौधे रोपित किए जाने थे।
पर्यावरण पार्क के सुंदरीकरण के लिए उद्यान विभाग ने लखनऊ के अत्याधुनिक गार्डन तैयार करने वाले विशेषज्ञों से संपर्क भी कर लिया था। 17 अप्रैल 2015 को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पारसनाथ यादव शहर के पर्यावरण पार्क का निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने पर्यावरण पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए विभाग की तरफ से भेजे गए 21.5 लाख रुपये के प्रस्ताव पर जल्द बजट देने का भरोसा भी दिलाया था। साल भर बीतने को हैं, लेकिन आज तक पर्यावरण पार्क की फुलवारी योजना को बजट नहीं मिल सका। जिससे पार्क के सौंदर्यीकरण की योजना औंधे मुंह गिरी है।
विभागीय अधिकारी आज भी पर्यावरण पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए बजट की राह ताक रहे हैं।