द्वारिकागंज। किसान सहकारी चीनी मिल में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं पर शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पहले दो दिसंबर 2025 को जिला गन्ना अधिकारी राजेंद्र प्रसाद से चीनी मिल महाप्रबंधक का प्रभार छीन लिया गया, और अब उन्हें निलंबित कर गन्ना आयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इस मामले की जांच नियोजन विभाग के सचिव को सौंपी गई है, जोकि 15 दिनों में जांच कर रिपोर्ट निदेशालय को सौंपेंगे। निलंबित गन्ना अधिकारी पर शीरा भंडारण में लापरवाही व मिल मरम्मत में अनियमितता का आरोप है। गन्ना विकास समिति के चेयरमैन शिवपाल सिंह गांधी ने गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री को शिकायती पत्र भेजा था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि किसान सहकारी चीनी मिल में महाप्रबंधक की ओर से नियमों को दरकिनार कर मनमाने प्रशासनिक निर्णय लिए गए। वर्ष 2025–26 में मिल की मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए शासन से प्राप्त धनराशि का समुचित उपयोग नहीं किया गया, और मरम्मत के नाम पर औपचारिकताएं पूरी की गईं।
शिकायत में कहा गया है कि कुछ पदों पर अपने ही जिले से जुड़े कर्मचारियों की तैनाती की गई। इससे निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर पाए गए हैं।
नियोजन विभाग के सचिव को सौंपी गई जांच :शासन ने प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारी मासूम अली सरवर सचिव नियोजन विभाग को नामित किया है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि कार्रवाई तय की जा सके।