जिले में बुधवार से अधूरी तैयारियों के बीच शुरू हुई धान खरीद के पहले दिन क्रय केंद्रों पर बोहनी नहीं हो सकी। लगभग सभी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। क्रय केंद्रों पर पूरी तरह से अव्यवस्था हावी है। किसानों को दी जाने वाली सुविधाएं क्रय केंद्रों पर नजर नहीं आ रही है।
शासन ने जिले के लिए 99 हजार 100 एमटी धान खरीद का लक्ष्य तय किया है। धान खरीद का निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए माह भर से तैयारी चल रही है। धान खरीद के लिए 41 क्रय केंद्र खोलने का दावा किया गया है। विपणन के नौ, पीसीएफ के 12, प्राइवेट प्लेयर्स के 18 और कर्मचारी कल्याण निगम व भारतीय खाद्य निगम के एक-एक केंद्र खोले गए हैं। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच बुधवार से जिले में सरकारी धान खरीद शुरू करने की औपचारिकता निभाई गई।
पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र पर बोहनी नहीं हो सकी। अमर उजाला टीम ने कई क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था देखने को मिली। शासन की ओर से किसानों को दी जाने वाली सुविधाएं कई क्रय केंद्रों पर नहीं देखने को मिली। किसानों के नहीं आने से ज्यादातर क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। कई क्रय केंद्र पर खरीद एजेंसी के कर्मचारी किसानों का इंतजार करते रहे जबकि कई क्रय केंद्र अभी कागज में ही संचालित हो रहे हैं। धान की फसल की कटाई में जुटे किसान अभी खरीद से दूरी बनाए हुए हैं।