फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों के लिए यादगार बना स्कूलों का पहला दिन

विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। 11 महीने बाद खुले परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का पहला दिन बच्चों के लिए यादगार बन गया। सोमवार को स्कूलों में उत्सव का माहौल रहा। विद्यालय गुब्बारों व रंगोलियों से सजाए गए थे। माला पहनाकर व तिलक कर बच्चों का स्वागत किया गया।
विज्ञापन

मध्याह्न भोजन में खास व्यंजन परोसे गए। पहली बार बच्चों को अपने विद्यालय में विशिष्ट होने का एहसास हुआ। लगभग साल भर से वीरान रहे परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में रौनक फिर से लौट आई।
विद्यालयों का पहला दिन खेलकूद, एक्टिविटी व कविता-कहानी में ही बीता। शिक्षकों ने बच्चों से कोरोना काल के अनुभवों के बारे में जानकारी हासिल की। पहले दिन रोटेशन के मुताबिक कक्षा पांच व कक्षा एक के विद्यार्थी बुलाए गए थे।
विज्ञापन

रोली-चंदन व फूल मालाओं से हुआ स्वागत
दूबेपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भाईं प्रथम में बच्चों के आगमन के पूर्व विद्यालय को गुब्बारों व रंगोलियों से सजाया गया था। प्रधानाध्यापक बृजेश सिंह, सहायक अध्यापक संगम यादव, आरती यादव आदि ने अध्ययन कक्षों की साज-सज्जा पहले से ही की थी। विद्यालय में प्रवेश करते ही बच्चों को रोली-चंदन लगाया गया और माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया। एमडीएम के जिला समन्वयक संदीप यादव ने बच्चों को फल व मिष्ठान वितरित किया।
शिक्षकों ने गेट पर की अगवानी
कूरेभार विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अंगनाकोल में प्रधानाध्यापक अनुपमा यादव, सहायक अध्यापक श्वेता सिंह, कंचन मिश्रा, आरती यादव, शिक्षामित्र अमिता सिंह व सीमा यादव ने पहले दिन कक्षा एक व पांच के बच्चों की गेट पर अगवानी की।
छात्रों को मास्क देकर चंदन लगाया गया। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ विद्यालय में बैठने की व्यवस्था की गई। पहले दिन देवी सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। शिक्षिकाओं ने कोरोना महामारी से जुड़ी जानकारियां बच्चों को दी। एमडीएम में पूड़ी-सब्जी बच्चों को परोसी गई।
बच्चों ने सुनाए गीत व कविता
प्राथमिक विद्यालय लंभुआ प्रथम में प्रधानाध्यापिका लीला यादव ने प्रार्थना स्थल पर बच्चों का रोली-चंदन लगाकर स्वागत किया। इसके बाद मध्याह्न भोजन में हलवा-पूड़ी वितरित की गई। बच्चों को कोरोना से बचाव के तरीके बताए गए। हैंडवॉश करने और मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों की ओर से गीत व कहानियां प्रस्तुत की गईं। वाद-विवाद प्रतियोगिता भी हुई। पहला दिन खेलकूद व एक्टिविटी के नाम रहा।
मिष्ठान से मुंह मीठा कराया
लंभुआ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मुरली में बच्चों के आगमन पर मुख्य गेट पर माला पहनाकर व रोली-चंदन का टीका लगाकर स्वागत किया गया। बच्चों को आकर्षित करने के लिए स्कूल को रंग-बिरंगी झंडियों व गुब्बारों से सजाया गया था। विद्यालय में पहुंचने पर मिष्ठान वितरित किया गया। मनपसंद भोजन के साथ खीर व केला भी बच्चों को दिया गया। इस मौके पर प्रधानाध्यापक रणवीर सिंह, सुजीत पांडेय, प्रीति सिंह, श्वेता सिंह समेत सभी स्टॉफ मौजूद रहे।
रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया विद्यालय
बल्दीराय क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जरईकलां में पहला दिन बच्चों के लिए रोमांचक रहा। शिक्षकों ने बच्चों के स्वागत के लिए विद्यालय को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया था। कक्षा एक व पांच में नामांकित 100 के सापेक्ष 48 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक राकेश सिंह ने बताया कि विद्यालय में बच्चों के आगमन के पूर्व पूरे परिसर में दवा का छिड़काव कराया गया था। कोविड-19 के दृष्टिगत बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग से बिठाया गया था।
बच्चों ने लिया स्पेशल डिश का लुत्फ
मॉडल इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय कुड़वार प्रथम में मध्याह्न भोजन में स्पेशल डिश के रूप में हलवा-पूड़ी परोसी गई। प्रधानाध्यापक केके सिंह ने बताया कि कक्षा एक में 25 के सापेक्ष 10 व कक्षा पांच में 42 के सापेक्ष 18 बच्चे उपस्थित हुए। पहले दिन बच्चों से कविता-कहानियां सुनी गईं। वहीं प्राथमिक विद्यालय कुड़वार द्वितीय में खड़े होकर शिक्षकों ने बच्चों की अगवानी की।
बीएसए ने किया विद्यालयों का निरीक्षण
बीएसए दीवान सिंह यादव ने जयसिंहपुर क्षेत्र के पेमापुर, गंगेव, इमिलिया सिकरा व महमूदपुर प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में विद्यालयों में साफ-सफाई पाई गई। कई विद्यालयों में बच्चों के स्वागत के लिए रोली-चंदन व फूल-मालाओं का इंतजाम किया गया था।
कई जगह चॉकलेट, फल व मिष्ठान वितरित किए गए। बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि विद्यालय में प्रेरणा ज्ञानोत्सव का 100 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। विद्यालय खुलने के प्रथम दिवस से ही अभियान शुरू हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें