जयसिंहपुर। मुइली गांव में मंगलवार की सुबह करीब छह बजे सेतू शाह वफाती के एक छप्पर में अचानक आग लगने से छप्पर के अंदर बंधी 12 बकरियों की झुलसकर मौत हो गई, जबकि चार बकरियां घायल हैं। कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, जिससे आसपास के अन्य छप्परों और घरों को बचा लिया गया।
सेतू शाह वफाती ने अपने घर के पास बने छप्पर में सोमवार रात बकरियों को बांध रखा था। सुबह ग्रामीणों ने छप्पर से आग की लपटें उठती देख शोर मचाया। जब तक लोग पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने में सफल होते, तब तक 12 बकरियां जल चुकी थीं। सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सक राजेश वर्मा और विकास ने झुलसी हुई बकरियों का उपचार किया। पशुपालक सेतू शाह ने बताया कि इस अग्निकांड में करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। तहसीलदार मयंक मिश्र ने बताया कि मौके पर हलका लेखपाल को भेजकर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।आग के कारणों की जानकारी नहीं मिली है। रिपोर्ट और जांच के आधार पर पशुपालक को सहायता राशि दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
छप्पर में लगी आग से दो मवेशी झुलसे
कुड़वार। सरकौड़ा के पूरे ईश्वरी पंडित निवासी सत्य प्रकाश की छप्पर की पशुशाला में मंगलवार दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग की चपेट में आकर दो भैंस और एक पड़िया गंभीर रूप से झुलस गईं। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग से छप्पर के नीचे रखा सामान भी जलकर राख हो गया। पीड़ित के अनुसार, आग से करीब 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही गोरक्षा वाहिनी के जिला संयोजक उदय मिश्र ने मौके का जायजा लिया। उन्होंने पशु चिकित्सक से संपर्क कर झुलसे हुए पशुओं के इलाज की व्यवस्था करने को कहा। (संवाद)