यूपी के सुल्तानपुर में मंगलवार को सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में अंतिम बहस नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं के शोक प्रस्ताव के चलते न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने अब शेष बहस के लिए एक अक्तूबर की तारीख नियत की है। मामला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है।
मामले में परिवादी पूर्व कोऑपरेटिव चेयरमैन व भाजपा नेता विजय मिश्र की ओर से बहस पूर्व में शुरू हो चुकी है, लेकिन पूरी नहीं हो सकी है। दरअसल, कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी विजय मिश्र की ओर से वर्ष 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि परिवाद दाखिल किया गया है।
अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा मामला
आरोप है कि राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इससे आहत होकर विजय मिश्र ने एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। साक्ष्य की कार्यवाही पूरी होने के बाद मामला अंतिम बहस के लिए नियत हुआ।
परिवादी की ओर से राहुल गांधी की आवाज की जांच एवं मिलान विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसे अदालत ने दो मई को खारिज कर पूर्व आदेश के अनुसार अंतिम बहस शुरू कराने का निर्देश दिया था।
सेशन कोर्ट में याचिका को चुनौती
इस आदेश को सेशन कोर्ट में निगरानी याचिका के जरिये चुनौती दी गई। इसे भी खारिज कर दिया गया। इसके बाद मूल पत्रावली पुनः ट्रायल कोर्ट पहुंची और मामला अंतिम बहस के चरण में है। राहुल गांधी पूर्व में अदालत में उपस्थित होकर जमानत प्राप्त कर चुके हैं। उनके बयान की कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है। अब एक अक्तूबर को शेष बहस होगी।