सुल्तानपुर। हिंदू नववर्ष की पूर्व संध्या पर शनिवार को चौक में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को निहाल कर दिया। कोटा से आए गीत व गजलकार कुंवर जावेद ने हर एक तख्त से हर ताज से लड़ जाती है, कोई भी राज हो हर राज से लड़ जाती है। हमारे देश की बेटी को कितना जानते हो, सुहाग के लिए यमराज से लड़ जाती है.. बेटियों पर अपनी रचना सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि सम्मेलन के दूसरे सत्र का शुभारंभ अयोध्या से आईं कवियत्री अर्चना द्विवेदी ने मां सरस्वती की वंदना से किया। हापुड़ के ओज कवि अर्जुन सिसोदिया ने 'युद्ध नहीं जिनके जीवन में वह भी बड़े अभागे होंगे', ' या तो प्रण को तोड़ा होगा या रण से भागे होंगे' को सुनाकर श्रोताओं में जोश भरा। भोपाल से आई गीतकार अनु सपन ने 'जिंदा रहना है तो जिंदगी से लड़ो, आस्मां से नहीं रोटियां आएंगी सुनाकर लोगों का मनमोह लिया।
रायपुर से आए रमेश बिस्वहार ने रिश्ता है मेरे रामजी के खानदान से, हैरत में आप क्यों हैं हमारे बयान से, हम राम के ननिहाल के छत्तीसगढ़ से हैं, मिलता है मेरा सिजरा भी करुणा निधान से, सुनाकर अपने को श्रीराम से जुड़ाव बताया।
हास्य कवि राधेश्याम भारती, पंकज प्रखर, उपाध्याय ने काव्य पाठ किया। अध्यक्षता जमुना उपाध्याय ने की, दिल्ली के हास्य कवि प्रवीण शुक्ला ने संचालन किया। इसके पूर्व जिला स्काउट कैप्टन ज्योति सिंह, कांति सिंह व गौरव सिंह के नेतृत्व में स्काउट के बच्चों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
इस मौके पर संयोजक प्रवीन कुमार अग्रवाल, संघ के विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, जिला प्रचारक आशीष, विभाग संघ चालक डॉ. एके सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, सीताराम वर्मा, डॉ. एमपी सिंह, रामचंद्र मिश्रा, डॉ. आरए वर्मा, डॉ. रमाशंकर मिश्रा, सरदार बल्देव सिंह, मीडिया प्रभारी विजय सिंह रघुवंशी, करुणा शंकर द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में श्रोता देर रात तक मौजूद रहे।