दोस्तपुर के सहकारी संघ पर खाद खत्म होने पर लगा ताला।
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सुल्तानपुर। जिले में डीएपी का अकाल खत्म नहीं हो रहा है। विभाग लक्ष्य से अधिक डीएपी के वितरण का दावा कर रहा है लेकिन किसानों खाद के लिए भटकते फिर रहे हैं। स्थिति यह है कि साधन सहकारी समितियों पर डीएपी पहुंचते ही कुछ ही घंटों में खत्म हो जा रही है। तीन दिन पहले आई 1697 मीट्रिक टन डीएपी अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर पहुंचते ही खत्म हो गई। तमाम किसानों को डीएपी नहीं मिल सकी है। उन्हें अब 10 दिसंबर तक इंतजार करना होगा।
जिले में 10 दिन बाद साधन सहकारी समितियों व सहकारी संघ पर डीएपी आने की खबर लगते ही शनिवार से ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। बल्दीराय के कांपा समिति पर शनिवार को डीएपी का वितरण नहीं हो सका था। रविवार को समिति खुलने के पहले ही किसानों की कतार लग गई थी। करीब 300 बोरी डीएपी दो घंटे में ही खत्म हो गई। घंटों कतार में लगे तमाम किसानों को वापस होना पड़ा।
सचिव राजेंद्र यादव ने बताया कि अब 10 दिसंबर तक डीएपी आने के आसार हैं। कुड़वार के सहकारी संघ पर शनिवार को देर से वितरण शुरू होने की वजह से करीब डेढ़ सौ बोरी डीएपी बच गई थी। रविवार को संघ बंद रहा। सैकड़ों किसान डीएपी पर निगाह गड़ाए हैं। सोमवार को संघ खुलते ही डीएपी के खत्म होने के आसार हैं। भंडरा परशुरामपुर के सचिव विजय पाठक ने बताया कि 50 बोरी डीएपी बची है। सोमवार को समाप्त होने के आसार जताए जा रहे हैं, जबकि कटका, दोस्तपुर, कादीपुर के लक्ष्मणपुर, बघौना, तिरहुंत, इसौली समेत जिले की अन्य समितियों पर डीएपी खत्म हो गई है। डीएपी खत्म होने के बाद समितियों पर ताला बंद हो गया है।