अमहट स्थित ट्राॅमा सेंटर की खराब एक्सरे मशीन। संवाद
दूबेपुर। अमहट स्थित ट्राॅमा सेंटर की पोर्टेबल एक्सरे मशीन की खराबी से मरीजों का दर्द बढ़ रहा है। इस मशीन के बंद होने से हादसों में घायल होने वाले मरीजों को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज या निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति बेपरवाह नजर आ रहे हैं।
शासन ने उन्नत तकनीकी से लैस पोर्टेबल एक्सरे मशीन ट्राॅमा सेंटर में मुहैया कराई थी। पिछले छह माह से तकनीकी खामी से मशीन बंद पड़ी है। उन मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है, जिन्हें बेड पर ही तत्काल जांच की आवश्यकता होती है।
हाल ही में ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कई मरीजों को एक्सरे जांच के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। चांदा के कामापुर की कुमारी (80) के पैर की हड्डी टूट गई थी। उन्हें सर्जरी से पहले एक्सरे के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ा। कोहड़ौर (प्रतापगढ़) की 80 वर्षीय आत्मा सरोज गिरि के कूल्हे में गंभीर चोट लगी थी। उन्हें भी ऑपरेशन से पहले एक्सरे के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ा। शहर निवासी रजत सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उन्हें भी यही समस्या झेलनी पड़ी। मरीजों को जांच के लिए एंबुलेंस या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
प्लेट खराब होने से बंद है मशीन
ट्राॅमा सेंटर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. समीर सुमन ने बताया कि पोर्टेबल एक्सरे मशीन की प्लेट खराब हो गई है। संबंधित कंपनी के इंजीनियरों से शिकायत की गई है और उन्होंने जल्द ही खामी दूर करने का आश्वासन दिया है। उम्मीद जताई है कि एक सप्ताह में मशीन का संचालन दोबारा शुरू हो जाएगा।