गंभीर बीमारी से पीड़ित एक किसान का पांच बीघा खेत बिक गया। शेष पांच बिस्वां जमीन बंधक है। आर्थिक रूप से टूट चुके किसान के परिवारीजनों ने मुख्यमंत्री से लेकर भाजपा सांसद वरुण गांधी तक मदद की गुहार लगाई लेकिन कहीं उसकी सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर पीड़ित किसान घर पर जिंदगी की आखिरी सांस ले रहा है।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के अमोहे गांव निवासी किसान झिनकू सिंह (65) पुत्र राम बदन सिंह के पास कुल साढ़े पांच बीघा खेत था। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व झिनकू सिंह के सीने में दर्द उठा तो उन्होंने चिकित्सक के पास जांच कराई। जांच में पता चला कि उनके फेफड़े में ट्यूमर है। ट्यूमर के इलाज के लिए झिनकू सिंह ने दो बीघा जमीन बेंच दी, लेकिन ठीक नहीं हुआ। इस दौरान झिनकू सिंह की हालत ज्यादा खराब हो गई।
परिवारीजन उन्हें लेकर शहर के निजी हॉस्पिटल पहुंचे, जहां जांच के दौरान पता चला कि झिनकू सिंह के फेफड़े का ट्यूमर अब कैंसर का रूप से ले चुका है। इलाज के लिए झिनकू सिंह ने तीन बीघा जमीन और बेच दी। जब रुपये पूरी तरह से खत्म हो गए तो किसान के परिवारीजनों ने इलाज के लिए मुख्यमंत्री से लेकर भाजपा सांसद वरुण गांधी से मदद मांगी, लेकिन निराशा ही मिली। किसान की पत्नी मिथलेश सिंह कहती हैं कि पति की जान बचाने के लिए वह सब कुछ किया जो संभव था।