सुल्तानपुर। जिले में आम, अमरूद, पपीता, नींबू व स्ट्राबेरी समेत नौ फलों की बागवानी करने वाले किसानों को अनुदान दिया जाएगा। एकीकृत बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत कुल 60 हेक्टेयर में बागवानी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जिला उद्यान विभाग में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। प्रथम आवक-प्रथम पावक की तर्ज पर किसानों को योजना का लाभ मिलेगा।
एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत सत्र 2023-24 में खरीफ सीजन के लिए फलों की बागवानी करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। विभाग की ओर से पपीता, आम, अमरूद, नींबू, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्राबेरी, बेल, फालसा और कटहल की व्यावसायिक खेती कराने का कुल 60 हेक्टेयर लक्ष्य तय किया गया है।
पपीते की बागवानी पांच हेक्टेयर, आम 10, अमरूद 15, नींबू चार, ड्रैगन फ्रूट 10, स्ट्राबेरी पांच, बेल चार, फालसा दो और कटहल की बागवानी पांच हेक्टेयर में कराई जाएगी। उद्यान निरीक्षक पवन कुमार सिंह ने बताया कि विभिन्न फलों की बागवानी करने के इच्छुक किसानों को उद्यान विभाग में ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि सभी पौधों की खरीदारी किसानों को नकद भुगतान देकर करनी होगी। इसके बाद पौधों की खरीद की रसीद विभाग में जमा करनी होगी। विभाग से अभिलेखों का सत्यापन होने के एक-दो महीने के अंतराल पर किसानों के खाते में अनुदान की रकम भेज दी जाएगी। पहले आओ-पहले पाओ के तहत ऑनलाइन आवेदन करते समय खतौनी, बैंक पासबुक की छायाप्रति, आधारकार्ड एवं आवेदक की दो फोटो अटैच करना जरूरी है।
40 से 50 फीसदी मिलेगा अनुदान
सभी फलों की बागवानी पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। प्रत्येक किसान 0.2 से चार हेक्टेयर भूमि में फलों की बागवानी कर सकता है।
- रणविजय सिंह, जिला उद्यान अधिकारी