कुड़वार/धम्मौर। यूरिया के लिए किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। समिति पर यूरिया आने की भनक लगते ही किसानों की भीड़ उमड़ रही है। पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करती दिख रही हैं।
बुधवार को धम्मौर समिति पर भूखे-प्यासे लाइन में लगे किसानों को आठ घंटे बाद यूरिया मिली। कुड़वार में एक आधार पर दो बोरी यूरिया वितरण की व्यवस्था बनाई गई। कई जगहों पर पुलिस की मौजूदगी में यूरिया का वितरण किया गया। कई समितियों पर यूरिया नहीं मिलने से किसानों को मजबूरी में लौटना पड़ा।
धम्मौर स्थित साधन सहकारी समिति पर किसान सुबह छह बजे ही पहुंच गए। किसान इंद्रदेव, मुनव्वर हुसैन, अब्दुल अजीज, गुड्डू यादव, विनोद कश्यप, राम लखन ने बताया कि सुबह छह बजे से लाइन में लगे थे, दोपहर दो बजे यूरिया मिली। यूरिया वितरण में देरी होते देख किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद सचिव ने धम्मौर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर खाद का वितरण किया जा सका।
उधर, अमेठी के नजदीकी गांवों से आए कई किसानों को खाद नहीं मिलने से निराशा हाथ लगी। सचिव राम सजीवन ने बताया कि 800 बोरी यूरिया आई थी, आधार के माध्यम से वितरित किया जा रहा है। कूरेभार क्षेत्र साधन सहकारी समिति सैदखानपुर में 400, सेमरौना में 800 और जूड़ापट्टी में 400 बोरी यूरिया बुधवार को पहुंची। सहायक लेखाकार ऋषभ मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को पुलिस की मौजूदगी में वितरण कराया जाएगा।
सरकौड़ा निवासी शमशाद, कुलदीप, इसरौली निवासी शेषराम वर्मा, कुड़वार निवासी दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि समिति पर मिलने वाली यूरिया पर ज्यादा भरोसा है। निजी दुकानों पर पैसा भी ज्यादा है और नकली होने का डर भी बना रहता है। कुड़वार सहकारी समिति के सचिव दीपक पाठक ने बताया कि मंगलवार को 500 और बुधवार को 400 बोरी यूरिया का वितरण किया गया।
सर्वर फेल होने से नहीं हुआ यूरिया का वितरण
मोतिगरपुर। दियरा और मैरी संग्राम समिति पर 350-350 बोरी यूरिया का वितरण किसानों को किया गया। सचिव श्याम बिहारी पांडेय ने बताया कि अपराह्न 3:30 बजे के बाद सर्वर फेल होने से वितरण बंद कर दिया गया। जिसके चलते कई किसानों को निराशा हाथ लगी और बिना यूरिया के वापस लौटना पड़ा।
खाद के लिए नहीं होगी दिक्कत
जिले की 50 साधन सहकारी समितियों पर बुधवार को यूरिया का वितरण किसानों को किया गया। अभी भी 50,000 क्विंटल यूरिया स्टॉक में है। किसानों को खाद की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।