जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल ने पेराई सत्र 2016-17 में किसानों का 15 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। मिल ने लक्ष्य के सापेक्ष नौ लाख 47 हजार क्विंटल गन्ना की पेराई करने के बाद पेराई सत्र का समापन कर दिया था। निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं होने के पीछे पेराई के दौरान आए दिन तकनीकी खामियों की वजह से मिल का बंद होना बताया जा रहा है। मिल ने किसानों से 28 करोड़ 95 लाख 91 हजार रुपये का गन्ना खरीदा था।
चीनी मिल ने किसानों को बीते 27 जनवरी तक खरीदे गए 17 करोड़ 70 लाख 28 हजार रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। अभी किसानों के 11 करोड़ 25 लाख 63 हजार रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है जबकि नियमत: किसानों को 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान मिल जाना चाहिए। गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिलने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ब्याज के साथ पेमेंट कराने के लिए भेजा पत्र: डीसीओ
जिला गन्ना अधिकारी अशर्फीलाल ने बताया कि किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान 15 प्रतिशत ब्याज के साथ कराने के लिए चीनी मिल के जीएम को पत्र भेजा गया है। गन्ना की खरीदारी करने वाली समितियों से भी बिल चीनी मिल को भेजवा दिया गया है। किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र ही भुगतान कराया जाएगा।