सुल्तानपुर। खेतों में पककर तैयार धान और कटाई के इंतजार में खड़ी फसल पर मौसम की मार का खतरा मंडराने लगा है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात के असर से शुक्रवार और शनिवार को तेज हवा के साथ भारी बारिश का अनुमान है। बृहस्पतिवार को हुई बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में कटी पड़ी फसल भीगने और खड़ी धान के गिरने की आशंका से किसान जल्द कटाई और मड़ाई में जुटे हैं। हालांकि, कम समय में पूरी फसल समेटना उनके लिए चुनौती बना हुआ है।
बृहस्पतिवार सुबह धूप निकलने के बाद नौ बजे से आसमान में बादल छाने लगे। दोपहर बाद बूंदाबांदी शुरू हुई तो खेतों में काम कर रहे किसानों की चिंता बढ़ गई। जिन किसानों ने धान काट लिया है, वे फसल सुरक्षित रखने में जुट गए हैं। खड़ी फसल की कटाई को लेकर असमंजस बना हुआ है। जल्द कटाई करने पर मजदूर और मड़ाई का इंतजाम करना मुश्किल है, जबकि इंतजार करने पर तेज हवा से फसल गिरने का खतरा है।
कृषि विभाग के मुताबिक, जिले में करीब एक लाख एक हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई है। अब तक लगभग 20 फीसदी फसल की कटाई हो सकी है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि तेज हवा के साथ बारिश होने पर पककर तैयार धान को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों में कटी फसल को खुले में छोड़ने के बजाय किसी छायादार स्थान पर इकट्ठा कर तिरपाल या प्लास्टिक से ढक देना चाहिए, ताकि उपज भीगने से बच सके।
मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल ने शुक्रवार और शनिवार तक तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई है। जिला प्रशासन ने भी लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चार बीघा धान खेत में पड़ा, मड़ाई रुकी
धनपतगंज। कुट्टा गांव के किसान दुर्गा प्रसाद ने बताया कि चार बीघा धान काटकर खेत में रखा है। मड़ाई शुरू की थी, लेकिन बूंदाबांदी के कारण काम रोकना पड़ा। छह बीघा धान अभी खड़ा है। तेज बारिश और तूफान से फसल को भारी नुकसान हो सकता है। हरौरा गांव के किसान छोटेलाल ने बताया कि धान पककर तैयार है, लेकिन खराब मौसम की आशंका से कटाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
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सब्जियों को भी नुकसान की आशंका
खेतों में जलभराव होने से भिंडी, पत्तागोभी, मिर्च, फूलगोभी और टमाटर की फसल प्रभावित हो सकती है। अधिक नमी से रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। किसानों को जल निकासी की व्यवस्था करने और तैयार सब्जियों की तुड़ाई कर लेने की सलाह दी गई है। आलू की बोआई के लिए तैयार खेतों में अधिक नमी होने पर कुछ दिन इंतजार करना बेहतर होगा।
मौसम खराब होने पर बरतें सावधानी
जिला प्रशासन ने शुक्रवार और शनिवार को सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेने और वज्रपात से बचाव के लिए दामिनी एप का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। मौसम खराब रहने पर खुले खेतों में काम करने से बचने और फसल सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।