सुल्तानपुर। जिला न्यायालय परिसर शनिवार को सुलह-समझौते का बड़ा मंच बन गया। वर्षों से अदालतों में लंबित कई मुकदमे यहां कुछ ही मिनटों की बातचीत में खत्म हो गए। पक्षकारों ने हाथ मिलाकर विवाद खत्म किए और राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 57,098 मामलों का निस्तारण कर दिया गया। कई लोग फैसले के बाद मुस्कुराते हुए अदालत परिसर से बाहर निकलते दिखाई दिए।
लोक अदालत का आयोजन जिला जज सुनील कुमार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी की देखरेख में हुआ। बैंक ऋण से जुड़े मामलों में करीब 10.72 करोड़ रुपये की धनराशि पर समझौता कराया गया। परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश फराह मतलूब, अपर प्रधान न्यायाधीश अंकिता शुक्ला व शालिनी सागर की अदालत में 106 वैवाहिक वादों का निस्तारण हुआ। वहीं, मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के जज लक्ष्मीकांत राठौर की अदालत में 85 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें बीमा कंपनी के प्रतिनिधि एसएन पांडेय ने 1.75 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति से जुड़े 20 मामलों के निस्तारण में अहम भूमिका निभाई।
स्थायी लोक अदालत ट्रांसपोर्ट नगर के चेयरमैन राधेश्याम यादव, सदस्य रमेश चंद्र यादव व मृदुला राय ने विद्युत व बीमा से जुड़े 24 वाद निपटाए। इसके अलावा विभिन्न एडीजे व मजिस्ट्रेट अदालतों में भी हजारों मामलों का निस्तारण हुआ। डीएम सुल्तानपुर के अधीन अधिकारियों ने 16,869 और डीएम अमेठी के अधीन पीठासीन अधिकारियों ने 19,440 मामलों का निपटारा कराया। बार अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह व महासचिव दिनेश कुमार दुबे समेत अधिवक्ताओं ने भी लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग दिया।