सुल्तानपुर। शहर की पंजाबी कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा में शनिवार को सिखों के छठे गुरु हरगोविंद साहिब का प्रकाश उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम में ज्ञानी के जत्थे ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। इसके बाद लोगों ने लंगर भी छका।
सिख धर्म के छठे गुरु हरगोविंद साहिब के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारे में चल रहे अखंड पाठ साहिब का शनिवार को समापन हुआ। ज्ञानी नवजोत सिंह के जत्थे गुरवाणी कीर्तन किया। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी सदर ठाकुर प्रसाद ने गुरु के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि आज मैं गुरुद्वारा में माथा टेक कर अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सुदीप पाल सिंह ने गुरु हरगोविंद साहिब के बारे में लोगों को जानकारी दी। कहा कि गुरुजी ने छह वर्ष की अवस्था में गुरु गद्दी प्राप्त होने के बाद मीरी व पीरी की प्रतीक दो कृपाण ग्रहण कीं। जहांगीर की ओर से ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को भी अपने साथ कैद से मुक्त कराया था। इस दौरान गुरुद्वारा कमेटी की ओर से मुख्य अतिथि एसडीएम और सरदार हरजीत सिंह को सरोपा भेंट किया गया। इस मौके पर सरदार गुरचरन सिंह, सरदार महेंद्र पाल सिंह, परमजीत सिंह, दलजीत सिंह, डाॅ. रमाशंकर मिश्रा, सरदार बलदेव सिंह, डाॅ. डीएस मिश्र व डाॅ. राजेंद्र कपूर मौजूद रहे।