सुल्तानपुर। किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड में 10.87 लाख रुपये के नियम विरुद्ध आहरण और गबन के मामले में जांच के बाद तत्कालीन लेखाधिकारी पर शिकंजा कस गया है। जिला गन्ना अधिकारी की जांच में सेवानिवृत्त लेखाधिकारी लाल जी शुक्ल के दो साल तक बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित रहने के बावजूद वेतन लेने का मामला सामने आया है।
जांच में चिकित्सा बिलों के भुगतान में नियमों की अनदेखी और बिना निर्धारित अर्हता पदोन्नति लेकर उच्च पद का वेतन लेने की बात सामने आई है। मिल के पदेन लेखाकार की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
किसान सहकारी चीनी मिल में हुए 10.87 लाख रुपये के गबन की जांच के लिए जिला गन्ना अधिकारी, सुल्तानपुर को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट 12 जून को जिलाधिकारी को भेजी थी। इसके बाद संघ कार्यालय की ओर से 25 जुलाई को तत्कालीन लेखाधिकारी लाल जी शुक्ल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार लाल जी शुक्ल छह फरवरी 2009 से 22 फरवरी 2011 तक कुल दो वर्ष 16 दिन की अवधि में बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित रहे। आरोप है कि इस अवधि में उन्होंने वेतन का आहरण किया था। चिकित्सा बिलों का सक्षम स्तर से परीक्षण कराए बिना भुगतान कराने और निर्धारित अर्हता पूरी किए बिना पदोन्नति प्राप्त कर उच्च पद का वेतन अपने स्तर से आहरित करने की बात जांच में सामने आई।
मिल प्रबंधन के अनुसार इन अनियमितताओं से सुल्तानपुर चीनी मिल से करीब 10.87 लाख रुपये का नियम विरुद्ध गबन किया गया। इसी आधार पर पदेन लेखाकार शिवशंकर मौर्य की तहरीर पर गोसाईगंज थाने में कोतवाली नगर के ढखवा निवासी सेवानिवृत्त लेखाधिकारी लाल जी शुक्ल के खिलाफ बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अभिलेखों और लेनदेन की होगी जांच
गोसाईगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक अखंडदेव मिश्र ने बताया कि मामले से जुड़े अभिलेखों और धनराशि के लेनदेन की जांच की जाएगी। जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।