सुल्तानपुर। आग उगलती धूप के बीच तेज हवाएं तीन लाख उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति में रोड़ा बन गई हैं। दिन में बिजली की कटौती किए जाने से 40 डिग्री तापमान के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में हाहाकार मचा है। सिंचाई के संसाधन दिन में ठप हो गए हैं। पावर कार्पोरेशन के अधिकारी तेज हवाओं का हवाला देकर अपना बचाव कर रहे हैं। आपूर्ति के अभाव में उपभोक्ता भीषण गर्मी में परेशान हो जा रहे हैं।
शासन ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति का अलग-अलग रोस्टर तय कर दिया है। इसके मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में दिन व रात को मिलाकर 18 घंटे आपूर्ति देने का आदेश है। जिले में 10 दिन से गर्मी बढ़ते ही रोस्टर पटरी से उतरना शुरू हो गया।
तीन दिन से दिन में चल रहीं तेज हवाओं ने रोस्टर को धराशायी कर दिया है। जिले भर के ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्रों पर सुबह नौ बजे से बिजली कटौती की जा रही है। इसके बाद शाम को करीब छह बजे आपूर्ति बहाल की जा रही है।
दिन की भीषण गर्मी व गर्म हवा के थपेड़ों के दौरान नौ घंटे की लगातार कटौती उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्र के करीब तीन लाख उपभोक्ताओं का पूरा परिवार दोपहर की गर्मी में परेशान हो जा रहा है। यही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए स्थापित निजी व सरकारी नलकूप भी बिजली के अभाव में ठप हैं। इससे किसानों के लिए भी परेशानी खड़ी हो गई है।
दोपहर में चार घंटे बंद रहे शहर के दो उपकेंद्र
भीषण गर्मी के बीच शहर के दो उपकेंद्र भी दिन में करीब चार घंटे बंद रहे। अर्धशहरी टीपी नगर उपकेंद्र सुबह करीब 11 बजे तेज हवा को देखते हुए बंद कर दिया गया। हवा की गति थोड़ी धीमी होने पर करीब तीन बजे उपकेंद्र को चालू किया गया। चार घंटे टीपीनगर उपकेंद्र बंद रहने से करीब 40 हजार की आबादी गर्मी में बेहाल रही। दरियापुर उपकेंद्र की सीटी बदलने व कंट्रोल रूम की मशीन और सशक्त बनाने के लिए वितरण के इंजीनियरों ने सुबह 11 बजे से शटडाउन ले लिया। इसके बाद सीटी लगाने व मशीन को और मजबूत करने का कार्य कराया गया। चार घंटे बाद करीब तीन बजे इस उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बहाल की गई। चार घंटे दरियापुर उपकेंद्र बंद रहने से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र की इससे जुड़ी करीब 40 हजार की आबादी गर्मी से परेशान रही।
फसलों के बचाव के लिए बंद की जा रही आपूर्ति
अधिशाषी अभियंता प्रथम व नोडल अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि तेज हवाओं की वजह से दिन में बिजली कटौती की जा रही है ताकि फसलों का नुकसान बचाया जा सके। हवा कम होने के बाद आपूर्ति नियमित की जाएगी।