सुल्तानपुर। शहर में लावारिस मवेशियों के शव खुले में फेंकने की समस्या अब खत्म होने वाली है। नगर पालिका ने शहर से सटे ओदरा में 1.35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक विद्युत शवदाह गृह तैयार कर लिया है। जल्ल्ही परियोजना का संचालन शुरू होगा।
इस शवदाह गृह के शुरू होते ही सड़कों, खाली प्लॉट और नदी किनारे मरे पशुओं को फेंकने की प्रथा पर रोक लगेगी। नगर पालिका की पहल पर बने इस प्लांट में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक सिस्टम लगाया गया है। परिसर में बाउंड्रीवाॅल, शेड, गार्ड रूम, कार्यालय कक्ष, पेयजल और बैठने की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
यहां शवों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि प्लांट पूरी तरह ईको-फ्रेंडली है और इससे प्रदूषण नहीं फैलेगा। विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा चुका है, एक माह के भीतर संचालन शुरू होने की उम्मीद है। अधिशासी अधिकारी लालचंद्र सरोज के अनुसार, कुछ छोटे काम बाकी हैं जिन्हें तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
बीमारी और दुर्गंध से मिलेगी राहत
शहर में अब तक मरे पशुओं को खुले में फेंकने या गड्ढों में दबाने की व्यवस्था थी। इससे आसपास के इलाकों में तेज दुर्गंध फैलती थी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता था। नया विद्युत शवदाह गृह शुरू होने से शवों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा, जिससे संक्रमण का खतरा घटेगा और शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।