जिले में संचालित अवैध आरा मशीनों पर आखिर वन महकमे की गाज गिर ही गई। महकमे ने सदर तहसील में चल रहीं आठ अवैध आरा मशीनों को जेसीबी से तोड़वा दिया। इन आरा मशीनों से करीब ढाई लाख रुपये कीमत की लकड़ी भी जब्त की गई है।
वन महकमे के अधिकारियों ने संचालकों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है। वन महकमे की कार्रवाई से आरा मशीन संचालकों में हड़कंप मचा है। लंबे समय से चली आ रहीं शिकायतों के बाद वन महकमे ने शुक्रवार देर शाम और शनिवार को अवैध आरा मशीनों के खिलाफ अभियान चलाया।
वन महकमे के अधिकारियों ने सदर तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर संचालित अवैध आरा मशीनों पर ताबड़तोड़ छापा मारा। वन विभाग ने बनकेपुर गांव में मिनहाज, कोतवाली नगर व इस्लामगंज में स्थित कौशर की अवैध आरा मशीन, बंधुआकलां में शन्ने खां, गोसाईगंज में सरवर, सादिक, जगदंबा, मोकिन की अवैध आरा मशीनों को ढहवा दिया।
जेसीबी से आरा मशीनों के ठीहे तक तोड़ डाले गए। टीम ने लकड़ी काटने के उपकरण भी नष्ट करवा दिए। वन विभाग की कार्रवाई के दौरान अवैध आरा मशीनों के पास से यूकेलिप्टस, चिलबिल, गूलर, आम, नीम, बबूल समेत अन्य प्रजातियों के लकड़ी के बोटे बड़ी मात्रा में बरामद हुए।
इन लकड़ियों की कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। वन विभाग ने अवैध आरा मशीन संचालकों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत केस भी दर्ज करवा दिया है।
प्रभागीय वनाधिकारी केसी बाजपेयी ने बताया कि जिले में 73 आरा मशीनें ही वैध हैं। इन्हें वन विभाग के मानकों के अनरुप लाइसेंस दिया गया है। बाकी का संचालन अवैध रूप से किया जाता है। पूरे जिले में अभियान चलाकर अवैध आरा मशीनों के संचालन पर रोक लगाई जाएगी।
क्षेत्रीय वनाधिकारी संत कुमार तिवारी ने बताया कि वन विभाग की ओर से सिर्फ अवैैध आरा मशीनों के खिलाफ ही नहीं पेड़ कटान को भी लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे। अवैध रूप से पेड़ कटान की शिकायत दर्ज कराने के लिए विभाग की ओर से सीयूजी नंबर 7839434756 जारी किया गया है।
इस नंबर पर वाट्स एप की सुविधा भी है। प्रभावी कार्रवाई के लिए शिकायतकर्ता संबंधित कटान स्थल की फोटो भी प्रेषित कर सकता है। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।