ग्रामीण क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती को लेकर भाकियू चौधरी गुट के कार्यकर्ताओं का गुस्सा गुरुवार दोपहर बाद फूट पड़ा। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने हाइडिल पहुंचकर दो एक्सईएन और एक एसडीओ को बंधक बना लिया। कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को कार्यालय से निकाल कर ढाई घंटे बाहर धूप में दरी पर बैठाए रखा।
इस दौरान कार्यकर्ता वितरण खंड कार्यालय पर हंगामा व नारेबाजी करते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन चौधरी गुट के कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दोपहर को शहर के दरियापुर स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालय पर पहुंच गए।
कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के सामने दरी बिछाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली समस्या को लेकर पदाधिकारियों ने वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन राजीव वर्मा व द्वितीय के चंद्रजीत प्रसाद से बात करनी चाही तो दोनों ने स्वयं को ही बिजली नहीं मिलने का जवाब दे दिया।
पदाधिकारियों के मुताबिक एक्सईएन ने कहा कि उन्हें स्वयं बिजली नहीं मिल रही है तो वे दूसरों को कैसे दें। एक्सईएन की यह बात सुनते ही कार्यकर्ता भड़क गए। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
कार्यालय में बैठे दोनों एक्सईएन और शहर के एसडीओ एके सिंह को बाहर निकालकर दरी पर बैठा दिया और नारेबाजी करने लगे। भाकियू के हंगामे व नारेबाजी के बीच दोनों एक्सईएन ने वार्ता का प्रयास किया लेकिन पदाधिकारियों ने एक भी नहीं सुनी और करीब ढाई घंटे तक धूप में दरी पर बैठाए रखा।
एक्सईएन की सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट रामचंद्र सरोज ने भाकियू पदाधिकारियों को आश्वासन देते हुए वार्ता के लिए राजी किया। सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दोनों एक्सईएन ने भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हृदयराम वर्मा, जिलाध्यक्ष रमाशंकर चौधरी, संदीप श्रीवास्तव समेत सभी कार्यकर्ताओं को अपने स्तर की बिजली समस्या 24 घंटे के भीतर दूर करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने तीनों इंजीनियरों को छोड़ा। इस मौके पर बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाकियू ने बिजली व्यवस्था नहीं सुधरने पर फिर आंदोलन की घोषणा की है। भाकियू के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस भी पहुंच गई थी। पदाधिकारियों ने दोनों अधिशासी अभियंताओं को बिजली समस्याओं का ज्ञापन भी सौंपा है।